जमशेदपुर/सीतारामडेरा : आदिवासी हो समाज सीतारामडेरा की ओर से हो भाषा के महान लिपि-निर्माता गुरु लाको बोदरा की 40वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता हो समाज के अध्यक्ष राजेश कांडेयांग ने की. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में हो समाज के सैकड़ों लोगों ने गुरु लको बोदरा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. आदिवासी +2 हाई स्कूल के प्रिंसिपल उदित नारायण ने कहा कि लको बोदरा जी ने “वारंग क्षिति” लिपि का निर्माण कर हो भाषा को नई पहचान दिलाई और समाज को अपनी भाषा-संस्कृति से जोड़े रखा. उनका योगदान हो समाज कभी नहीं भूल सकता. इस अवसर पर हो समाज के युवाओं ने गुरु लाको बोदरा के दिखाए मार्ग पर चलने और हो भाषा के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लिया. श्रदांजलि सभा में राजेश कण्डेयांग, सुरा बिरुली, डिबर पुर्ती, उपेंद्र बानरा, प्रियंका बिरुआ, चांदमनी बोदरा, रानी बोदरा, सावन लुगुन, आनन्द हेम्ब्रम, बुधन सिंह हेम्ब्रम, सुभाष बिरुआ, राजू बिरुआ, दुर्गा मणि आदि शामिल रहे.







