जमशेदपुर : बिष्टुपुर पोस्टल पार्क में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को जमशेदपुर जिला के गृह रक्षकों की एक बैठक हुई. इसमें गृहरक्षकों के मामले में राज्य सरकार द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी किये जाने को लेकर उसके खिलाफ न्यायालय की अवमानना का मामला दर्ज कराये जाने का निर्णय लिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि होमगार्ड जवानों के मामले से संबंधित डब्ल्यू पी एस केस नंबर 583 17 में हाई कोर्ट ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय की डबल बेंच में एलपीए (272/18) दायर की थी. इस मामले को न्यायालय ने विगत 12 जनवरी, 2023 को खारिज करते हुए आदेश को लागू करने के लिए 3 माह का समय दिया था. लेकिन उसकी अवधि भी समाप्त हो चुकी है, किन्तु राज्य सरकार ने उसे लागू कराने की पहल तक नहीं की है. (नीचे भी पढ़ें)
इसको लेकर राज्य के गृह रक्षकों में क्षोभ एवं आक्रोश व्याप्त है. गृह रक्षकों के नेता कमल शर्मा ने गृह रक्षकों से अपील की कि वे अपने हक एवं अधिकार की रक्षा के लिए अब उन्हें स्वयं जागरित होना होगा. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा है. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अब झारखंड हाई कोर्ट की शरण में जाना होगा तथा अवमानना याचिका दायर करनी पड़ेगी. उन्होंने इस अभियान में सभी का सहयोग जरूरी बताते हुए सभी से एकजुटता बनाये रखने की अपील की.



