
जमशेदपुर : ओत् गुरू कोल लाको बोदरा की 102वीं जंयती रविवार को जमशेदपुर के सीतारामडेरा में मनायी गयी. यहां उनकी प्रतिमा पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य महाबीर मुर्मू के नेतृत्व में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस अवसर पर महाबीर मुर्मू ने कहा कि ओत् गुरू कोल लाको बोदरा ने हो समुदाय की अपनी लिपि का आविष्कार किया और जिस समाज की अपना लिपि होती है उस समाज की देश में एक अलग ही पहचान होती है क्योंकि देश में कई जाति कई धर्म और कई भाषाएं बोलने वाले लोग हैं पर सबकी अपना लिपि नहीं है. इसलिए अपनी लिपि का जोर-शोर से प्रचार-प्रसार करें, ताकि देश में अलग पहचान मिल सके. उन्होंने ओत् गुरू कोल लाको बोदरा की 102वीं जयंती के अवसर पर समस्त हो समुदाय के लोगो को झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति, छात्र नेता अरुण मुर्मू, पप्पू उपाध्याय, सुनील गुप्ता, वर्मा प्रधान, राजू पाडेया, राजन कैवर्ता, करण कालिंदी, बंटी मोहंती, संतोष लकड़ा, राज मुखी समेत अन्य उपस्थित थे.




