जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद की ओर से बिना लाइसेंस के चल रहे आरओ वाटर प्लांट की जांच की. औचक जांच दल ने इन दोनों प्लांट में छापामारी की, जहां उनके खिलाफ अब नगर परिषद की ओर से कार्रवाई की जायेगी. जांच दल में नगर प्रबंधक राजेंद्र कुमार, कनीय अभियंता तनुज जैन, दीपक सिंकू, राजस्व निरीक्षक राहुल कुमार दास, उमेश प्रजापति, मो नसीम अख्तर, सैनिटरी सुपरवाइजर दिनेश कुमार, गृह रक्षक संतोष यादव एवं नीरज कुमार आदि मौजूद थे. इन लोगों ने सबसे पहले सिद्धि वाटर प्लांट का दौरा किया. इसके बाद इन लोगों ने एक्वा कूल के प्लांट में छापामारी की. इस छापामारी में पाया गया कि बिना लाइसेंस के ही इसका संचालन किया जा रहा है. इसके बाद नगर परिषद की ओर से कार्रवाई शुरू की गयी. (नीचे भी पढ़ें)

शहरी क्षेत्र में नगर निकाय की अनुमति के बिना बड़ी संख्या में रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) वॉटर उपचार केंद्र संचालित हो रहे हैं. इससे शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल का स्तर में लगातार कमी हो रही है. भूमिगत जल स्रोतों के अत्यधिक दोहन से ग्रीष्मकालीन ऋतु में आमजनों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. इसके बाद इन दोनों आरओ प्लांट को सील कर दिया गया. नगर परिषद क्षेत्र में बिना पंजीकृत आरओ प्लांट उपचार संयंत्र संचालित करने वालों पर झारखण्ड नगर पालिका अधिनियम 2011 की सुसंगत धाराओं के तहत दंड शुल्क अधिरोपित किया जाएगा एवं विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
बिना लाइसेंस के आरओ वॉटर प्लांट उपचार संयंत्र का संचालन करने वालों को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द नगर परिषद में आकर रजिस्ट्रेशन करा सकते है. इसके लिए लोगों को व्यक्तिगत मामले में आधार कार्ड, कंपनी या फर्म के मामले में क्रमशः निगमन या पंजीकरण का कागजात, अद्यतन बिजली बिल, होल्डिंग कर रसीद, केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार के द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र, जल आपूर्ति अभिकरण द्वारा फोटो के साथ वर्षा जल संचयन संरचना (रेन वाटर हारवेस्टिंग) का विवरण समर्पित करना होगा. खुली भूमि के मामले में लाइसेंसधारक द्वारा एक हलफनामा समर्पित करना होगा कि संरचना का निर्माण होने के बाद रेन वाटर हारवेस्टिंग का निर्माण कर दिया जाएगा.



