जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित दयानंद पब्लिक स्कूल ने हाल ही में एक रंगारंग और आकर्षक किंडरगार्टन प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसने स्कूल परिसर को रचनात्मकता, अन्वेषण और अनुभवात्मक शिक्षा का एक जीवंत केंद्र बना दिया. इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्नों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में आकर्षक प्रदर्शनों, मॉडलों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न विषयों को प्रस्तुत किया. प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि शिक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान तनेजा ने किया और इस सार्थक प्रदर्शन के लिए बच्चों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की. उनके साथ शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष राजीव तलवार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिनकी उपस्थिति ने नन्हे-मुन्नों का उत्साहवर्धन और प्रेरणा की. प्रदर्शनी में प्रारंभिक शिक्षा के वर्षों से संबंधित विविध विषयों को शामिल किया गया था, जिनमें पशु, सड़क सुरक्षा, परिवहन के साधन, ऋतुएं, स्वच्छता और अंतरिक्ष शामिल थे. प्रदर्शनी के हर कोने ने नन्हे-मुन्नों की कल्पनाशीलता और प्रयासों को उजागर किया. जीवंत पशु कटआउट और लघु परिवहन मॉडलों से लेकर अंतरिक्ष रॉकेट और मौसमी दृश्यों तक, इन मॉडलों ने न केवल बच्चों की जिज्ञासा को जगाया, बल्कि अभिभावकों और आगंतुकों को स्कूल की नवीन शिक्षण पद्धतियों की एक झलक भी दिखाई. प्रदर्शनी का एक विशेष आकर्षण खेल और गतिविधि क्षेत्र था, जहां बच्चों ने आंखों और हाथों के समन्वय, सूक्ष्म मोटर कौशल और समस्या-समाधान क्षमताओं के विकास हेतु डिज़ाइन की गई व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लिया. इन चंचल गतिविधियों ने बच्चों को करके सीखने के लिए प्रोत्साहित किया, जो कि गतिविधि-आधारित शिक्षण का मूल है, जिसकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 द्वारा दृढ़ता से अनुशंसा की गई है. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधानाचार्या ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्रदर्शनी कैसे प्रारंभिक वर्षों से ही आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, संचार और सहयोग जैसे 21वीं सदी के कौशलों को बढ़ावा देकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने की स्कूल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था आजीवन सीखने की नींव रखती है, और इस तरह की प्रदर्शनियां कक्षा शिक्षण और वास्तविक जीवन की समझ के बीच के बंधन को मज़बूत करती हैं. इस आयोजन ने महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिए. स्वच्छता विषय के माध्यम से, बच्चों ने सभी को अपने आस-पास के वातावरण को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि सड़क सुरक्षा मॉडलों ने आगंतुकों को यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया. ऋतुओं के कोने ने बच्चों को प्रकृति के अजूबों से परिचित कराया, जबकि अंतरिक्ष खंड ने ब्रह्मांड के रहस्यों के प्रति उनकी कल्पनाशीलता को उजागर किया. (नीचे भी पढ़ें)
अभिभावकों और आगंतुकों ने नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और इस बात की सराहना की कि कैसे प्रदर्शनी ने मस्ती, रचनात्मकता और सार्थक शिक्षा का सहज मिश्रण प्रस्तुत किया. कई लोगों ने कहा कि इस तरह की पहल बच्चों के आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सीखने के आनंद को बढ़ाती है, जो समग्र शिक्षा के मूल में निहित हैं. किंडरगार्टन प्रदर्शनी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुभवात्मक शिक्षा की भावना का उत्सव थी. इसने खूबसूरती से दर्शाया कि कैसे, सही मार्गदर्शन के साथ, सबसे छोटे विद्यार्थी भी बड़े विचारों की खोज कर सकते हैं और भविष्य के आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और नवोन्मेषी नागरिक के रूप में अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं.



