जमशेदपुर : जमशेदपुर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में पानी की समस्या लगातार दूसरे दिन भी बनी रही, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. जलापूर्ति ठप होने के कारण मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. हालात इतने बिगड़ गए कि बीते 48 घंटों में 20 से अधिक निर्धारित ऑपरेशनों को स्थगित करना पड़ा, जिससे कई गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ. पानी की किल्लत का असर अस्पताल के लगभग सभी प्रमुख विभागों में देखा गया. हड्डी रोग, महिला एवं प्रसूति रोग, सर्जरी समेत अन्य विभागों में इलाज की प्रक्रिया बाधित रही. ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और शौचालयों में पानी नहीं होने से मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को भी परेशानी झेलनी पड़ी. कई मरीजों को मजबूरन अपनी सर्जरी और इलाज की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी, जिससे उनमें चिंता और असंतोष का माहौल बना रहा. (नीचे भी पढ़ें)
मंगलवार को अचानक अस्पताल परिसर में जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई. देखते ही देखते पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. डॉक्टरों और कर्मचारियों ने तत्काल इसकी जानकारी अस्पताल अधीक्षक और प्राचार्य को दी. प्रारंभिक स्तर पर पानी बंद होने के कारणों का पता नहीं चल सका. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल मानगो नगर निगम से संपर्क कर टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था कराई. मंगलवार को पांच और बुधवार को दो टैंकर पानी मंगवाकर किसी तरह अस्पताल की न्यूनतम जरूरतों को पूरा किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बुधवार को जब तकनीकी टीम द्वारा गहन जांच की गई तो कई खामियां सामने आईं. जांच में पाया गया कि अस्पताल के विभिन्न विभागों और शौचालयों में कई नल टूटे हुए थे, जबकि कुछ नल चोरी भी हो चुके थे. टूटे नलों से लगातार पानी बहने के कारण जलस्तर तेजी से गिर गया, जिससे संकट और गहरा गया. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी क्षतिग्रस्त नलों की मरम्मत कराई और आवश्यक स्थानों पर नए नल लगाए. मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद बुधवार देर शाम जलापूर्ति बहाल हो सकी. एमजीएम के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने कहा कि कई जगह नल टूटे होने के कारण पानी की बर्बादी हो रही थी. सभी खराब नलों की मरम्मत कर दी गई है और कुछ को बदला गया है. अब पानी की स्थिति सामान्य है. गुरुवार से इलाज पूरी तरह सामान्य रहेगा.







