जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर के डीडी बार हत्याकांड के खिलाफ जमशेदपुर सरयू राय के आह्वान पर गुरुवार की संध्या विशाल मशाल जुलूस निकाला गया. यह मशाल जुलूस बिष्टुपुर माइकल जॉन ऑडिटोरिय़म से प्रारंभ हुआ और बिष्टुपुर मेन रोड होते हुए वापस माइकल जॉन ऑडिटोरियम से पास खत्म हुआ. इस जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)

खास बात यह रही कि मशाल जुलूस में कई दलों और विभिन्न समाज के लोगों की सहभागिता रही. लोग हाथों में तख्तियां लिये हुए थे, जिसमें डीडी बार कांड में मारे गए करनी सेना के अध्यक्ष हिमांशु सिंह को न्याय दिलाने की मांग थी. जुलूस में चल रहे लोगों ने ‘जमशेदपुर प्रशासन होश में आओ’, ‘कल जमशेदपुर बंद रहेगा’, ‘हर जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है’ जैसे नारे लगा रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)

गौरतलब है कि विधायक सरयू राय ने शहर में ध्वस्त होती कानून व्यवस्था के खिलाफ 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया है. इस बंद से अत्यावश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है. मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं. विधायक सरयू राय ने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय ने उनकी अपील पर कल होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. एक सवाल के जवाब में सरयू राय ने कहा कि अगर पुलिस के लोग थोड़ी तत्परता दिखाते तो आज यह सब करने की जरूरत नहीं होती. पुलिस प्रशासन के शिथिल और लापरवाह रवैये के कारण हम लोगों ने हिमांशु सिंह को खो दिया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने आरोप लगाया कि जमशेदपुर में पुलिस ने गलत लोगों को अवैध धंधा करने का लाइसेंस दे दिया है. पुलिस लापरवाही बरत रही है. कल की बंदी स्वतः स्फूर्त होगी. एक अन्य सवाल के जवाब में श्री राय ने कहा कि जब पानी नाक के ऊपर चला जाता है, तो आदमी हाथ-पांव मारता है. आप जमशेदपुर को देखेंगे तो पाएंगे कि यहां अपराध की घटनाएं बेतहाशा बढ़ गई हैं. धड़ल्ले से चाकूबाजी और चापड़बाजी की घटनाएं हो रही हैं. शहर में अवैध अड्डेबाजी, अवैध शराब का धंधा चल रहा है और सुरक्षित रुप में चल रहा है क्योंकि पुलिस ने इन धंधेबाजों को संरक्षण दे रखा है. जमशेदपुर की कानून व्यवस्था पटरी पर आ जाए, इस मकसद को पूरा करने के लिए ही 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि यह बंदी सरकार को सीधी चेतावनी है। अगर कुछ भी गलत होगा तो सरकार पर ही जिम्मेदारी जाएगी. मशाल जुलूस में सुबोध श्रीवास्तव, शंभू सिंह, शिवशंकर सिंह, कन्हैया सिंह, आशुतोष राय, कुलविंदर सिंह पन्नू,, मुकुल मिश्रा, नीरज सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, पुतुल सिंह, अमित शर्मा, अजय कुमार, संजय तिवारी, ललन द्विवेदी, सुरंजन राय, कमलेश मुखी, अमृता मिश्रा, ऊषा यादव, रीना डे, भास्कर मुखी, दुर्गा राव, प्रकाश कोया, सतीश सिंह, राजेश प्रसाद, अर्जुन यादव, आकाश शाह, तारक मुखर्जी, दिनेश सिंह, बबलू कुमार, प्रवीण सिंह, चुन्नू भूमिज, लालू गौड़, दीपक गौड़, संजीव सिंह, अशोक सिंह, विनोद सिंह, मनोज सिंह, शंकर कर्मकार, विजय राव, एम. चंद्रशेखर राव, सन्नी सिंह, विकास साहनी, गणेश चंद्रा, विकास रजक समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.






