
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने शनिवार को सिदगोड़ा स्थित टाऊन हॉल, सोन मंडप, यात्री निवास और चिल्ड्रेन पार्क क्षेत्र का दौरा किया. उनके साथ जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार एवं अन्य कर्मी भी मौजूद थे. उन्होंने विशेष पदाधिकारी से यह जानकारी देने के लिए कहा है कि उनके विधायक बनने के बाद वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में टाऊन हॉल, सोन मंडप और यात्री निवास का आरक्षण किन-किन कार्यक्रम के लिए किया गया है और इससे अक्षेस के खाते में कितनी आमदनी हुई. उन्होंने विशेष पदाधिकारी से यह भी जानकारी देने के लिए कहा कि उनके विधायक बनने के पूर्व 5 वर्षों में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए इन भवनों के आरक्षण से अक्षेस को कितनी आमदनी हुई. उन्होंने विशेष पदाधिकारी से यह जानकारी भी मांगा है कि इन भवनों के बुकिंग (आरक्षण) के क्रम में अक्षेस के खाता में कॉशन मनी (संरक्षित निधि) के रूप में कितनी निधि जमा हुई और कितने लोगों को यह निधि वापस की गयी. (नीचे देखे पूरी खबर)

विधायक श्री राय ने टाऊन हॉल, सोन मंडप, यात्री निवास और पर्यटन विभाग द्वारा बनाये गये चिल्ड्रेन पार्क से अब तक हुई आमदनी और इसके संरक्षण में हुए व्यय की जानकारी भी देने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि इस परिसर के सभी सरकारी संपत्तियों को सरकार अपने कब्जे में लेने के बारे में सरकार ने विधानसभा को सूचित किया है और यह भी कहा है कि सरकारी निर्माणों को कब्जा मुक्त करेगी और जिन्होंने इसका दुरुपयोग किया है, उन पर कारवाई की जाएगी. अब तक इस संबंध में क्या कारवाई हुई है, इसका विवरण उपलब्ध कराने के लिए भी उन्होंने कहा है. (नीचे देखे पूरी खबर)

विधायक श्री राय ने जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी से यह भी कहा है कि यहां स्थित सरकारी संपत्तियों के संरक्षण के लिए जमशेदपुर अक्षेस ने कोई नियमावली तैयार किया है तो इसकी जानकारी उपलब्ध कराये और यदि अभी तक यह नियमावली तैयार नहीं हुई तो शीघ्र नियमावली तैयार किया जाय ताकि इस व्यवस्था के तहत इसका संरक्षण नियमानुसार हो सके और अवैध कब्जा से मुक्त कराया जा सके तथा अवैध कब्जा करने वालों पर कारवाई की जाये. विधायक श्री राय ने सूचित किया है कि इस परिसर को पर्यटन, खेल तथा कला एवं संस्कृति के रूप में विकसित करने का आश्वासन राज्य सरकार ने उन्हें दिया हैं, इस दिशा में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. (नीचे देखे पूरी खबर)

कुछ दिन पहले इस परिसर में हुई अवैध गतिविधियों के लिए जिला प्रशासन ने एक जांच समिति गठित किया था. इस जांच समिति की रिपोर्ट की मांग भी उन्होंने किया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब इस परिसर का संचालन स्पष्ट नियमों के आधार पर होगा और विगत दिनों इसके परिचालन में हुई अनियमितताओं को समाप्त किया जाएगा.















