
जमशेदपुर : नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ सांसद विद्युत वरण महतो की एनएच-33 पर पारडीह से लेकर बालीगुमा तक फ्लाईओवर निर्माण के संदर्भ में एक विस्तृत बैठक हुई. इस बैठक में मुख्य रूप से सांसद श्री महतो ने भविष्य के ट्रैफिक लोड को ध्यान में रखकर एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 5.5 किलोमीटर से बढ़ाकर 7 किलोमीटर करने का प्रस्ताव दिया. इस पर श्री गडकरी ने अपनी सहमति दी एवं तदनुसार उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश भी दिया. यह भी तय हुआ कि एनएच का एलिवेटिड कोरिडोर डबल डेकर होगा और यह छह-छह (6) लेन वाली फ्लाईओवर होगी. साथ ही इस फ्लाइओवर में दो रैंप रहेंगे जिससे पारडीह-डिमना के पास से एनएच पर पहुंचने के लिए एवं उतरने के लिए वाहनों को लंबी दूरी नहीं तय करना पड़े. सांसद श्री महतो डिमना चौक से बालीगुमा की जाने वाले मार्ग पर जर्जर पुल एवं उसके बगल में प्रस्तावित नया पुल का निर्माण यथाशीघ्र करने को कहा. बैठक में सांसद श्री महतो ने प्रस्ताव रखा कि शहर में बढ़ते हुए वाहनों की संख्या को देखते हुए एक ट्रांसपोर्टनगर शहर के बाहर में बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है. इस पर श्री गडकरी ने अपनी सहमति देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार द्वारा 100 से 150 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी जाती है तो शेष जमीन वे एनएचएआई के माध्यम से अधिग्रहित कर लगभग 300 से 400 एकड़ में एक लॉजिस्टिक पार्क को वह विकसित कर देंगे. (पूरी खबर नीचे देखें)

इसकी सारी खर्च एनएचएआइ वाहन करेगी. सांसद श्री महतो ने यह प्रस्ताव दिया कि इस प्रकार का ट्रांसपोर्टनगर बाकि के आसपास जहां जमीन की उपलब्धता है बनाई जा सकती है. श्री गडकरी ने एनएचएआई के सभी पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि फ्लाईओवर में जो पिलर बनाए जाएंगे उस पिलर में फाइबर रिइंफोर्सड स्टील तकनीक का उपयोग किया जाए, जिससे पिलरों की संख्या घटेगी और मजबूती भी बढ़ जाएगी. श्री गडकरी ने फ्लाईओवर के नीचे के हिस्से को नागपुर की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने यह भी कहा कि ग्राउंड लेवल पर जो पिलर निर्माण के लिए जगह लिया जा रहा है, उसकी चौड़ाई 10 मीटर से घटाकर 5 मीटर किया जाए ताकि उस जमीन का बेहतरीन उपयोग किया जा सके. सांसद श्री महतो ने महुलिया से फूलडूंगरी के बीच में दुर्घटना संभावित क्षेत्र के सभी ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया. इस पर श्री गडकरी ने उपस्थित पदाधिकारियों को समुचित निर्देश दिया. बैठक में यह भी तय हुआ फुलडूंगरी के पास दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा. साथ ही यह भी तय किया गया कि बहरागोड़ा शहर में जो सर्विस रोड है उस रोड का मापदंड मुख्य मार्ग के समान है इसलिए इसका निर्माण एनएच के गुणवत्ता के समान किया जाए एवं पीसीसी सड़क बने. बहरागोड़ा के कालियाडिंगा चौक के पास दुर्घटना को रोकने के लिए एनएचएआई के अभियंताओं ने यह प्रस्ताव दिया कि वहां पर क्लोवर लीफ फ्लाई ओवर का निर्माण किया जाना उचित रहेगा. केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी काम समयबद्ध सीमा में किया जाना चाहिए और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए. लगभग 2 घंटे तक चली इस बैठक में सर्वप्रथम एनएचएआई के अधिकारियों ने ड्रोन कैमरा से वर्तमान एनएच पर तैयार किए गए वीडियो को प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया एवं एलिवेटेड कॉरिडोर के एक-एक बिंदु पर बिंदुवार चर्चा की गई. बैठक में एनएचएआई की ओर से एसके मिश्रा सीजीएम (आरओ) रांची, अजमेर सिंह, सीजीएम (टेक्निकल) हेड क्वार्टर, आदित्य प्रकाश सीजीएम (टेक्निकल ) झारखंड एवं स्थानीय प्रोजेक्ट डायरेक्टर एएस कपूर उपस्थित थे.






