जमशेदपुर : दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी जमशेदपुर के सिख समाज के पूर्व अध्यक्ष गुरमुख सिंह मुखे के खिलाफ अदालत से पुलिस द्वारा ली गई कुर्की -जब्ती के खिलाफ दाखिल रिवीजन मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने निचली अदालत का मूल केस रिकार्ड की मांग की हैं. अब गुरुवार को सुनवाई के लिए तिथि तय की हैं. उल्लेखनीय है कि जमशेदपुर के कदमा की एक महिला के साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार किए जाने के आरोप में फरार चल रहे आरोपी सीजीपीसी के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे के खिलाफ मामले की अनुसंधानकर्ता एसआई परवेज आलम ने अदालत से मुखे के खिलाफ कुर्की – जब्ती का आदेश ले चुका है. इस आदेश के खिलाफ गुरमुख सिंह के भाई कृपाल सिंह ने जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल कुमार मिश्रा की अदालत में एक रिवीजन का मामला दाखिल कर कुर्की – जब्ती पर रोक लगाने का मांग किया है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि कदमा थाना के पुलिस फरार अभियुक्त मुखे के खिलाफ स्थानीय एसडीजीएम की अदालत से 31 जनवरी 2023 को कुर्की – जब्ती का आदेश लिया है. ऐसे मे पुलिस उनकी घर कभी भी कुर्क कर सकता हैं. पुलिस ने गुरमुख सिंह मुखे की संपति के बारे मे किसी प्रकार का विवरण नहीं दिया क्योकि मानगो कुंवर सिंह उलीडीह बस्ती स्थित मकान में परिवार के सभी लोग रहते हैं और वह मकान उनकी मां अमरजीत कौर के नाम से हैं. श्री मुखे को परिवार एवं संपत्ति से 13 मार्च 2015 को ही निकाल दिया गया हैं. उस मकान से गुरमुख सिंह मुखे का कोई लेना देना नहीं हैं. मालूम हो कि गुरमुख सिंह मुखे के खिलाफ कदमा के रहने वाली एक महिला ने दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए 5 नवंबर 2022 को कदमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई हैं. इस मामले से आरोपी गुरमुख सिंह मुखे फरार चल रहा हैं.



