जमशेदपुर : जमशेदपुर के युवा रिंकू पाल को 13वें जेएसडब्ल्यू- टाइम्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड्स- 2026 में ‘यंग क्लाइमेट चैंपियन चुना गया है. अपने शहर और बस्ती में पर्यावरणीय मुद्दों पर काम कर रहे मात्र 22 साल के रिंकू को मुंबई में गुरुवार शाम आयोजित हुए कार्यक्रम में इस सम्मान से नवाजा गया है. सम्मान समारोह में उन्हें मोमेंटो और 50 हजार रुपये की राशि दी गई. रिंकू पाल ने अपने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और जलवायु जागरूकता की दिशा में सराहनीय काम के लिए यह अवॉर्ड दिया गया है. उनका योगदान झारखंड में उभरते स्थानीय नेतृत्व और जमीनी बदलाव का मजबूत उदाहरण माना जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि रिंकू पाल, जमशेदपुर में स्वच्छ वायु की पहल के लिए चलाए जा रहे ‘वायु वीर’ नेटवर्क के सदस्य हैं. वह स्वच्छ वायु जागरूकता, कचरा प्रबंधन और अनेक पर्यावरणीय अभियानों पर काम करते हैं. अपनी पहल से युवाओं को जोड़ने के लिए रिंकू, टेक्नोलॉजी, डिजिटली कहानियां कहते हैं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की युवा आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
इन कामों के लिए मिला अवॉर्ड : रिंकू ने पिछले एक साल में जमशेदपुर में कई अभियान और कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर पर्यावरण के लिए काम किया है. इनमें वायु वीर नेटवर्क के जरिए एयर पॉल्यूशन की जानकारी, ‘अ मंथ इन माय लाइफ’ अभियान, बेलडीहग्राम स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
वायु गुणवत्ता निगरानी में सफलताः ‘वायु वीर’ नेटवर्क ने जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता की जानकारी तक सार्वजनिक पहुंच को मजबूत करने की लगातार मांग की है. उनके प्रयासों और अभियानों से वायु गुणवत्ता निगरानी बुनियादी ढांचे पर ध्यान बढ़ा है. इस जुड़ाव के परिणाम स्वरूप, शहर में अतिरिक्त निगरानी प्रणालियों की स्थापना, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और सार्वजनिक संचार प्रणालियों को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से अधिसूचना जारी हुई है.
“ए मंथ इन माइ लाइफ’ अभियानः ‘वायु वीर’ ने “ए मंथ इन माइ लाइफ’ अभियान के माध्यम से प्रदूषण के साथ रहने के रोजमर्रा के अनुभवों को दस्तावेजित किया. इस पहल ने बताया कि वायु प्रदूषण किस तरह कमजोर समुदायों के बच्चों और युवाओं के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण को प्रभावित करता है.
नवीनतम सामुदायिक कार्यः ‘वायु वीर’ के नेतृत्व में नवीनतम पहलों में से एक सोनारी, जमशेदपुर में ‘बेलडीहग्राम स्वच्छता अभियान’ है. यह अभियान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खुले में कूड़ा जलाने को कम करने, स्वच्छ रसोई जागरूकता, और सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. इस मौके पर अवॉर्ड के ज्यूरी सदस्य डॉ अजय माथुर ने कहा कि जलवायु कार्रवाई अभी भी बड़े स्तर पर व्यक्तियों, समुदायों और संस्थानों की ओर से संचालित हो रही है. यह इस बात को रेखांकित करता है कि लोग इसलिए कदम उठा रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसा करना जरूरी है, न कि इसलिए कि यह ऊपर से थोपे गए किसी राष्ट्रीय या संस्थागत आदेश का हिस्सा है. वहीं, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल ने कहा, “हमारा मुख्य संदेश यही है कि नवाचार, धरातल पर बदलाव और समुदाय की भागीदारी को आगे लाने वाले लोगों को पहचान मिले. जलवायु कार्रवाई में ऐसे प्रयासों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही भविष्य के लिए वास्तविक समाधान तैयार करते हैं. “
जेएसडब्ल्यू- टाइम्स ऑफ इंडिया अवॉर्ड्स के बारे में : जेएसडब्ल्यू और द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से 2008 में स्थापित, जेएसडब्ल्यू द टाइम्स ऑफ इंडिया अर्थ केयर अवॉर्ड्स जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ने वाले दूरदर्शी लोगों और नवाचारों को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण मंच है. यह 13वां संस्करण भारत भर के उद्योगों, गैर-लाभकारी संगठनों और जमीनी स्तर के संगठनों के सबसे प्रभावशाली, स्केलेबल और नवीन समाधानों को सामने लाता है.







