
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका पोटका के कोवाली थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर इलाके में रामनवमी विसर्जन जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ. इस दौरान पथराव भी हुआ, जिसमें हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत के मुखिया और पोटका के अंचलाधिकारी (सीओ) समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गये. इस घटना के विरोध में हल्दीपोखर बंद का ऐलान किया गया है. पुलिस ने वहां गश्ती बढ़ी दी है और तनाव को कम करने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम और रूट के तहत विजय बजरंग अखाड़ा हल्दीपोखर द्वारा शाम चार बजे बजरंगबली मंदिर से हजारों की भीड़ के बीच झंडा विसर्जन जुलूस निकाला गया. यह जुलूस मुख्य पथ, चावल बाजार, दुर्गा मंदिर, कीर्तन पाड़ा होते हुए तय रुट रंकिणी मंदिर, हल्दीपोखर पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत के वार्डर तक करतब दिखाते हुए पहुंचा. निर्धारित स्थान पर झंडा खड़ा करने के दौरान झंडा को आगे बढ़ने से रोका गया. इस दौरान झंडे के अगले भाग को पकड़ने और पीछे से दबाव देने से 30 फीट लंबे रामनवमी झंडे को अगला तीन-चार फीट हिस्सा टूट गया. इसके टूटते ही लोगों का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया. लोग प्रशासन से झंडा टूटने का विरोध कर रहे थे. इसी बीच पश्चिमी भाग और रंकिनी मंदिर के पीछे से दूसरे पक्ष द्वारा पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव से हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज के चेहरे एवं बाईं आंख में गंभीर चोट लगी. इसके बाद इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. दोनों ओर से पथराव होने लगा. इस पथराव में सीओ इम्तियाज अहमद, पूर्व मुखिया सैय्यद बीउल्लाह, सैट के हवलदार नंदलाल हाजरा एवं संदेश राम को चोट लगी. गंभीर रूप से घायल हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज को स्थानीय नर्सिंग होम में ईलाज के लिए भर्ती किया ,जहां उनके चेहरे में तीन टांके लगे. इस घटना के बाद से माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन स्थिति कंट्रोल में बताया जा रहा है.



