
चाकुलिया : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विगत 6 दिन पहले से विद्यार्थियों की एक महत्वपूर्ण समस्या को लेकर एबीवीपी द्वारा छात्र की समस्याओं को लेकर कोल्हान विश्वविद्यालय से पांचवी समेस्टर से ली गई शुल्क को छठे सेमेस्टर में संयोजन करने की मांग कर रही है. इस संबंध में एबीवीपी के संगठन मंत्री दिनेश बाल्मीकि ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा पूरे कोल्हान भरके अंतिम सेमेस्टर के छात्रों पर परीक्षा शुल्क ज्यादा लेने का बोझ दे दिया गया, उसका विरोध किया जा रहा है. बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय अब अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा लेने की तैयारी में जुटी हुई है और उसने अंतिम समेस्टर के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क 1000 रुपए रखा है परंतु पिछले वर्ष ही विद्यार्थियों ने पांचवे सेमेस्टर के विधार्थियों से 535 रुपए देकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था विद्यार्थियों से पांचवे सेमेस्टर का 535 रुपए लिया गया.
कोरोना महामारी को देखते हुए यूजीसी ने सभी प्रकार की परीक्षाएं टाल दी थी जब परीक्षा नहीं हुई कॉपी नहीं जांची गई तो विद्यार्थियों से लिया गया शुल्क कहां गया इसका यूनिवर्सिटी ने अभी तक जवाब नहीं दिया है. विद्यार्थी परिषद विगत दिनों से यह मांग करती आ रही है कि पांचवे सेमेस्टर का शुल्क जो विद्यार्थियों से लिया गया था वह छठे सेमेस्टर में समायोजित किया जाए, क्योंकि इस वैश्विक महामारी में लोगों को राशन नहीं मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी अधिक गरीब तबके से आते हैं वह 1000 रुपए कहां से देंगे और ऐसी भी स्थिति में कई परिवार हैं कि जिनके पास अभी रोजगार भी नहीं है राशन भी नहीं है और उनको 1000 रुपए के चलते अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ेगी. कोल्हान विश्वविद्यालय के इसी रवैए के कारण अब विद्यार्थी परिषद छात्रों की इस बड़ी समस्या को लेकर सड़क पर आंदोलन करने पर बाध्य हो गई है.उन्होंने कहा कि यही रवैया यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिखाया या विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विषय पर यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो विद्यार्थियों के समस्या को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने पर बाध्य होंगा.







