चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड में क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी बारिश के लिए पहाड़ पूजा करने की वर्षो पुरानी परंपरा है. लोग क्षेत्र में अच्छी बारिश और समृद्धि के लिए पहाड़ की पूजा करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवार के लोग पहाड़ पूजा को लेकर काफी उत्साहित हैं और लोग अपने अपने घर और आंगन की साफ सफाई में जुटे हैं. (नीचे भी पढ़े)
25 जून को जामिरा पहाड़ पूजा: चाकुलिया में जामिरा पहाड़ पूजा के साथ ही पहाड़ पूजा का सिलसिला शुरू होगा. आषाढ़ माह में पहाड़ पूजा करने की वर्षों पुरानी परंपरा है. ग्रामीणों का ऐसा विश्वास है कि पहाड़ पूजा से क्षेत्र में खुशहाली रहती है और पर्याप्त बारिश होती है. इससे धान की अच्छी पैदावार होती है. पहाड़ पूजा के दौरान हजारों की भीड़ उमड़ती है. प्रखंड के बड्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के बड्डीकानपुर गांव के पास है जमीरा पहाड़. यहां 25 जून को पहाड़ पूजा होगी. यह पहाड़ प्रखंड मुख्यालय से उत्तर दिशा में लगभग 15 किलोमीटर दूर है. वही डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण पूजा स्थल पहुंचकर श्रद्धापूर्वक पहाड़ की पूजा करते हैं. (नीचे भी पढ़े)

27 जून को होगी सातनाला पहाड़ की पूजा: प्रखंड के सोनाहातू पंचायत में आमाभूला गांव के पास स्थित है सातमाला- यहां साल के जंगल है और पहाड़ी है. प्रखंड मुख्यालय से पूजा स्थल की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है. यहां हर साल 5 मौजा के ग्रामीण पूजा करते हैं. आमाभूला के ग्राम प्रधान संतोष महतो ने बताया कि आगामी 27 जून को सातमाला पहाड़ की पूजा होगी. जिसकी तैयारी पूजा कमेटी द्वारा कर ली गई है.(नीचे भी पढ़े)
1 जुलाई को होगी कन्हाईश्वर पहाड़ की पूजा: चाकुलिया के प्रसिद्ध कन्हाईश्वर पहाड़ की पूजा आषाढ़ महीने के तीसरे शनिवार यानी की 1 जुलाई को कन्हाईश्वर पहाड़ की पूजा होगी. प्रखंड मुख्यालय के उत्तर पश्चिम बंगाल से सटे चाकुलिया प्रखंड की चालुनिया पंचायत के जयनगर गांव के पास स्थित है कन्हाईश्वर पहाड़ की दूरी प्रखंड मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर है. यह पहाड़ का आधा भाग पश्चिम बंगाल में है और आधा भाग झारखंड में है. पहाड़ की चोटी पर एक झरना है और झरना का पानी कभी सूखता नहीं है. यह पहाड़ झारखंड पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के ग्रामीणों के लिए आस्था के प्रतीक है. कान्हाईश्वर पहाड़ पूजा में तीनों ही राज्य के ग्रामीणों की भीड़ पूजा करने के लिए उमड़ती है. पहाड़ पूजा के दिन पहाड़ के नीचे मेला का भी आयोजन होता है. पहाड़ पूजा कमेटी के अध्यक्ष सोमाय मांडी ने बताया कि 1 जुलाई को पहाड़ पूजा होगी. यहां 12 मौजा के ग्रामीण पूजा करते हैं. पहाड़ पूजा को लेकर कमेटी द्वारा जोर शोर से तैयारी की जा रही है.(नीचे भी पढ़े)
4 जुलाई को होगी गोटाशिला पहाड़ की पूजा: प्रखंड की माटियाबांधी पंचायत के घाघरा और गंगा गांव के बीच है गोटाशिला पहाड़. यहां भी हर साल आषाढ़ माह में पहाड़ पूजा होती है. यह पूजा भी तीनों राज्यों के ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है. पूजा स्थल पर एक मंदिर है और एक झरना है. इस साल 4 जुलाई को यहां पहाड़ पूजा होगी. ग्राम प्रधान मनिन्द्र नाथ महतो ने बताया कि पूजा होगी और मेला का आयोजन नहीं होगा. गोटाशिला पहाड़ की दूरी प्रखंड मुख्यालय से पश्चिम उत्तर दिशा में 16 किलोमीटर है.(नीचे भी पढ़े)

8 जुलाई को होगी खोड़ी पहाड़ी पूजा- गोटाशिला पहाड़ पूजा के पश्चात प्रखंड के जुगितुपा पंचायत के रेंगड़पहाड़ी गांव स्थित खोड़ी पहाड़ी पूजा होती है. इस साल 8 जुलाई को खोड़ी पहाड़ी की पूजा होगी. यहां भी पूजा करने के लिए हजारों भक्तों की भीड़ जुटती है. पहाड़ पूजा के दिन पहाड़ के नीचे मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होता है. कमेटी के सदस्य अमर हांदसा ने बताया कि इस वर्ष धूमधाम से खोड़ी पहाड़ी पूजा होगी.(नीचे भी पढ़े)
10 जुलाई को है घोटीडूबा पहाड़ पूजा- प्रखंड के सोनाहातू पंचायत के सोनाहातू गांव के घोटीडूबा टोला में है यह पूजा स्थल. यहां 10 जुलाई को होगी पूजा-घोटीडुबा पहाड़ पूजा होने के पश्चात प्रखंड में पहाड़ पूजा का दौर समाप्त हो जाती है.




