पोटका : पोटका प्रखंड के हरिणा स्थित मागाड़ बुरू दिशुम जायराथान मे 44वां दिशुवा हादी बोंगा-2025 (सार्वजनिन सरहुल पूजा) का आयोजन आदिम भूमिज मुंडा समाज कल्याण समिति बुनुडीह की ओर से धूमधाम के साथ आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में सहयोगी की भूमिका टाटा स्टील फाउंडेशन के द्वारा निभायी गयी. कार्यक्रम मे झारखंड, ओडिशा, पश्चिमी बंगाल एवं असम प्रदेश के कौने-कौने से पचास हजार से अधिक भूमिज समाज के लोग जुटे, जहां सुबह को विधिवत रूप से दिशुम नाया सुशांत सरदार के नेतृत्व मे सरहुल पूजा कर क्षेत्र के लिये सुख, शांति और समृद्धि की कामना की, वहीं शाम को भव्य शोभायात्रा का साथ दिशुम नाया का स्वागत किया गया. इस दौरान सामुहिक सरहुल नृत्य किया गया, जहां एक साथ हजारो लोगो ने भाग लिया.हरिणा में सरहुल कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, विधायक संजीव सरदार, पूर्व विधायक मेनका सरदार, पार्षद सविता सरदार, पार्षद सोनमनी सरदार,सीओ निकीता बाला, विभीषण सिंह सरदार, विधायक संजीव सरदार की धर्मपत्नी रानीता सरदार,असम से प्रतिनिधि मकर सिंह सरदार, बाबुल भूमिज,जूली भूमिज, ओडिशा से मानगु सिंह, सुजाता सिंह, पश्चिम बंगाल से लक्ष्मी नारायण सिंह, स्थानीय मुखिया सरस्वती मुर्मू, मुखिया सिमती सरदार,पानो सरदार, कार्तिक मुर्मू,मिरु सरदार,व, संगीता सरदार सिद्धेश्वर सरदार, जयपाल सिंह सरदार, रंजीत सरदार, मनोज सरदार सहित अन्य उपस्थित थे.

प्रकृति से जुड़ा सरहुल आदिवासियों का प्रमुख पर्व : संजीव सरदार
इस कार्यक्रम मे स्थानीय विधायक सह आयोजन के मुख्य संरक्षक संजीव सरदार ने कहा कि प्रकृति से जुड़ा सरहुल पर्व आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व है. आदिवासी समाज के लोग सरहुल पर्व को धूमधाम के साथ मनाते है. भूमिज समाज के द्वारा हरिणा मे ऐतिहासिक सरहुल महोत्सव मनाया जाता है, जहां देश के विभिन्न क्षेत्र मे रहनेवाले भूमिज समाज के लोग पहुंचते है. यह आयोजन एैसी तरह से समाज के द्वारा आयोजित होते रहे और लोगों को महाजुटान हमेशा हो, यही कामना करते है. वह सरहुल देवता से क्षेत्र के लिये अच्छी बारिश, अच्छी फसल की कामना करते है. कार्यक्रम में विधायक श्री सरदार ने सभी नाया-देवरी को धोती एवं गमछा देकर सम्मानित किया.आयोजन को सफल बनाने मे मुख्य रूप से श्रीपति सरदार, रघुनाथ सरदार, कालिदास सरदार, संजय सरदार, फुलचांद सरदार (लाल), दीपक कुमार सरदार, अवित्र सरदार, चंका सरदार, सोमनाथ सरदार, सतीश सरदार, हिरो सिंह सरदार, चंका सरदार, चित्त सरदार, संजय सरदार (बी), मनोरंजन सरदार, भरत सरदार, मधु सरदार, लक्ष्मण सरदार, राजु सरदार, बलराम सरदार, फुलचांद सरदार, रतन सरदार, भुवनेश्वर सरदार, गोपीनाथ सरदार, हेमाल सरदार, अशोक सरदार, कार्तिक सरदार, बिहारी लाल सरदार, भृगुराम सरदार, कालीचरण सरदार, दमयंती सिंह, असीत सरदार, मनोज सरदार आदि का सराहनीय योगदान रहा.



