
चाकुलियाः चाकुलिया के पुराना बाजार स्थित बिरसा चौक पर स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा अमर रहे का नारा लगाया. मौके पर पद्मश्री जमुना टुडू ने कहा कि बिरसा मुंडा हम सभी के आदर्श है और उनकी जीवनी से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के आदर्श पर चलकर सभी राज्य के विकास में सहयोग करें तभी बिरसा मुंडा के सपनों का झारखंड का निर्माण होगा. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर आदिवासी समाज को गौरवान्वित करने का सराहनीय कार्य किया है. मौके पर लीलावती दास, चिन्मयी महापात्र, सलमा हेम्ब्रम, मालती सोरेन, पिंकी दास, माधवी दास, झानो हेम्ब्रम, माया टुडू, मालावती टुडू, मानसिंह टुडू, बैद्यनाथ हांसदा समेत अन्य उपस्थित थे. वही झामुमो, भाजपा, आजसू समेत अन्य समाजिक और राजनीतिक संगठन के सदस्यों ने भी बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. (नीचे भी पढ़े)

इधर घाटशिला में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की145 वीं जयंती पर भाजपा नेत्री डॉ सुनीता देबदूत सोरेन ने बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. डॉ सोरेन ने धरती आबा बिरसा मुंडा की जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिरसा मुंडा की मौत महज 25 साल की उम्र में हो गई थी. उन्होंने अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट कर विद्रोह किया था. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने नारा दिया था अबुआ राज छेत्र जाना, महारानी राज टुंडी जाना जिसका मतलब है, चलो महारानी का राज खत्म करते हैं और अपना साम्राज्य स्थापित करते हैं. धरती आबा बिरसा मुंडा ने जिस सपने के साथ अंग्रेजों से लोहा लिया वो सपने आज भी अधूरे हैं.मौके पर नीमा रजक,विनय बेरा,अभिनाश मिश्रा, दीपू दत्ता, गणेश मुर्मू, रघुवंशम मिश्रा, मदन टूडू समेत अन्य उपस्थित थे. वही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और जन प्रतिनिधियों ने भी बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी.













