जादूगोड़ा : पोटका विधानसभा अंतर्गत डुमरिया प्रखंड के केंदुआ पंचायत अंतर्गत बाकीशोल, हतनाबेड़ा, सारुदा व लीपुंग घुटू तक 15 किलो क्षेत्र के छह गांव के ग्रामीणों ने जदयू के जिला महासचिव वीर सिंह देवगम की अगुवाई में जर्जर सड़क के खिलाफ बच्चों सहित महिला- पुरुषों ने जोरदार प्रदर्शन किया व चेतावनी दी कि नेता चुनाव में तो आकर हाथ जोड़ कर वोट थोक के भाव ले जाते है व चुनाव के बाद गांव को भूल जाते है. आने वाले चुनाव में पार्टी नेताओं की सबक सिखाएंगे व गांव में घुसने नहीं देंगे. सारुदा गांव के लखन मुर्मू (पूर्व उपमुखिया) लूगु सोरेन, किशुन सोरेन, राजू मुर्मू, राम दास मुर्मू, चंद्रो सोरेन, सारू सबर, सिमल मुर्मू, (ग्राम प्रधान भुकतू मुर्मू पान सुरु मुर्मू, रनिंग मुर्म, सिमल मुर्मू, गौवरा मुर्मू, नोहा हांसदा कहते है कि जर्जर सड़क की वजह से लोग इस गांव में अपनी बेटियां नहीं देते. प्रसव महिलाओं की साइकिल या मोटरसाइकिल से डुमरिया अस्पताल ले जाना पड़ता है. (नीचे भी पढ़ें)

बीमार पड़ने पर गांव में कोई एम्बुलेंस नहीं पहुंचता. झाड़- फुक ही एक मात्र सहारा है. इसी के सहारे लोगों की जान बचती है. गांव से दूर आधा किलो में बी एसएनएल का टावर काम करता. मुसीबत में पूरे क्षेत्र का संपर्क कट जाता है. इस बाबत जदयू के महासचिव वीर सिंह देवगम ने कहा कि जल्द ही डुमरिया बीडीओ की उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसके बावजूद समाधान नहीं निकला ने छह गांव के ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंच कर गुहार लगाएंगे. बहर हाल देखना यह है कि ग्रामीणों की आवाज जिले के उपायुक्त के कानो तक पहुंचती है व ग्रामीणों को सड़क की समस्या से कब तक निजात मिलती है. यह गौर करने वाली बात होगी.







