चाकुलिया : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चाकुलिया शाखा की ओर से शनिवार को संघ के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में विजयदशमी उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और समाज के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला संघ चालक लक्ष्मीनारायण दास, चाकुलिया खंड संघ चालक सुभाष लोधा, सह विभाग शारीरिक प्रमुख भावेश पातर, जिला कार्यवाह मानिक बारिक, खंड कार्यवाह विवेकानंद लोधा और जिला धर्म जागरण प्रमुख मनोरंजन, समाजसेवी दिनेश सिंह उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत ध्वज पूजन और शस्त्र पूजन के साथ हुआ. इसके पश्चात विभागीय शारीरिक प्रमुख भावेश पातर ने बौद्धिक प्रदान किया और विजयदशमी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला. अपने उद्बोधन में विजया दशमी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि यह पर्व असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया था. (नीचे भी पढ़ें)
विजयदशमी का दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी पावन अवसर पर वर्ष 1925 में नागपुर में संघ की स्थापना हुई थी. संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश के इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, अनुशासन और समाज में एकजुटता बनाए रखने का संकल्प दोहराया. कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा एवं जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करना चाहिए. समाज में आपसी सद्भाव, एकता एवं संस्कारों को मजबूत बनाना ही ऐसे आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है.





