गालूडीह : गालूडीह के उल्दा में चल रहे शिव पुराण के दूसरे दिन स्वामी हृदयानंद गिरि ने ब्रह्म का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि ब्रह्म की उत्पत्ति जल में उत्पन्न कमल पर हुई. उन्होंने कमल के डंठल के अंदर उतर कर उसका मूल जानने का प्रयास किया, लेकिन नहीं जान पाये तब वह पुन: कमल पर आकर विराजमान होकर सोचने लगे कि मैं कहां और कैसे हुआ. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने इसी तरह ब्रह्मा को भगवान विष्णु की प्रेरणा से सृष्टि की रचना का आदेश मिलने एवं उसके बाद सर्वप्रथम चार पुत्र उत्पन्न किये जाने की जानकारी दी, जिनमें सनक, सनन्दन, सनातन और सनत कुमार शामिल थे. इसी प्रकार उन्होंने ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना एवं विस्तार किये जाने की कथा सुनाई. कथा के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में खिचड़ी भोग ग्रहण किया.











