घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय में इंटरमीडिएट में फीस बढ़ोतरी और सीट कटौती के खिलाफ संयुक्त छात्र संघ की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न छात्र संगठनों के छात्र प्रतिनिधियों ने इसका पुरजोर विरोध किया और कहा कि पिछले साल के नामांकन के तर्ज पर ही इस साल भी नामांकन लिया जाए एवं कला संकाय मे 55 फीसदी से सीधा नामांकन और विज्ञान व वाणिज्य में सीधा नामांकन करने को लेकर बैठक में छात्र प्रतिनिधियों के साथ जो सहमति बनी थी, उसे कॉलेज प्रशासन द्वारा नजरअंदाज कर अपनी मनमानी तरीके से नामांकन शुल्क में बढ़ोतरी की एवं सीट की कटौती की है, जिसका सयुक्त छात्र संघ विरोध करता है. बताया कि घाटशिला कॉलेज में आदिवासी बहुल क्षेत्र से छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं, जहां पर परिवार का भरण पोषण गुजारा करना भी बहुत मुश्किल है और इस तरह से नामांकन शुल्क में बढ़ोतरी छात्र समुदाय बर्दाश्त नहीं करेगा. (नीचे भी पढ़े)
प्रत्येक वर्ष महाविद्यालय में लगभग 1800 से 2000 विद्यार्थी अपना नामांकन इंटर में कराते हैं. पिछले वर्ष कुल सीट कला संकाय में 996, वाणिज्य में 640, विज्ञान में 640 कुल-2276 था. जिसमें सभी विषयों में कुल नामांकन लगभग 1800 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था. जिसके अनुसार प्रत्येक विषयों की नामांकन शुल्क के अनुसार लगभग 1820860 लाख रुपए और फॉर्म फिलअप के नाम पर लगभग 30 लाख 27 हजार 880 रुपया जमा हुआ. तो कुल पिछले वर्ष 4848740 लाख रुपया जमा हुआ. जिसमें से प्रत्येक वर्ष शिक्षक शिक्षिका एवं कर्मचारी का सलाना में लगभग कॉलेज के प्रचार्या के अनुसार 3500000 रूपया भुगतान किया जाता है. इसके बावजूद इंटर के आकस्मिक निधि में लगभग 1348740 रुपया जमा हुआ, यह तो बस 1 वर्ष का लगभग अनुमानित शुल्क के बारे में बताएं सोचने की बात है. इंटर में अब तक लगभग करोड़ों रुपया जमा हुआ तो इस पैसे से कॉलेज प्रशासन एवं कॉलेज के प्राचार्य करते क्या है. (नीचे भी पढ़े)
छात्र संघ का यह सवाल है कि वे ना तो मासिक शिक्षिकों और कर्मचारी का वेतनमान बढ़ाते हैं ना कुछ जो शिक्षक शिक्षिकाएं अपना सम्मान को ताक पर रखकर बच्चों के भविष्य को देखते हुए यहां बंधुआ मजदूर से कम दर से अपना सेवा दे रहे हैं. छात्र संगठन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में बनी सहमति के अनुसार नामांकन लिया जाए, अन्यथा प्रत्येक छात्र संगठन के छात्र प्रतिनिधियों छात्रों के हित में अपना एकजुटता दिखाते हुए कॉलेज प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे. और महाविद्यालय में तालाबंदी भी करने के लिए बाध्य होंगे. इस मौके पर एआईडीएसओ के घाटशिला कॉलेज कमेटी के सचिव सुबोध महाली, आदिवासी छात्र संघ के अजीत मुर्मू, भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के बिकास हेम्ब्रम, रोहित मुखी, राजू मुर्मू ,विशोखा किस्कू समेत अन्य लोग मौजूद थे.



