जमशेदपुर: जिला प्रशासन को एक फिर से भारी वाहन प्रशिक्षण स्थल के लिए चिन्हित भूमि को लेकर ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं. बता दें कि इस बार जिला प्रशासन की ओर से घाटशिला अंचल के बाघुड़िया पंचायत के मुराझोर गांव में भारी वाहन प्रशिक्षण स्थल बनाने की तैयारी की जा रही थी. इसको लेकर अंचलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों की सहमति ली गई थी. (नीचे भी पढ़ें)
मगर सोमवार को स्थानीय लोग पारंपरिक हथियार के साथ प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और उपायुक्त से अंचलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों को डरा-धमका कर जमीन लेने का आरोप लगाते हुए, उक्त भारी वाहन प्रशिक्षण स्थल को निरस्त करने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जमीन आदिवासी समुदाय का जाहेरथान और श्मशान भूमि है. साथ ही यह गोचर भूमि भी है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा उक्त जमीन का जबरन अधिग्रहण करना गैरकानूनी है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों ने बताया कि इससे न केवल उनकी संस्कृति खतरे में पड़ेगी, बल्कि उनके आजीविका का साधन भी छिन जाएगा. विदित हो कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने पीपला में प्रस्तावित भारी वाहन प्रशिक्षण केंद्र का विरोध किया था. जिसके बाद जिला प्रशासन ने नए सिरे से घाटशिला अंचल के बाघुड़िया पंचायत में उक्त प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की कार्य योजना तैयार की, मगर यहां भी ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है. ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर प्रस्तावित भारी वाहन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना कहां होती है, जिससे लोगों को रोजगार परक शिक्षा उपलब्ध हो सके.












