जमशेदपुर : आजादी के पूर्व संध्या पर जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में सिंहभूम केंद्रीय वरिष्ठ नागरिक समिति जमशेदपुर द्वारा वैसे वरिष्ठ नागरिकों जो 77 साल के बाद भी किसी न किसी क्षेत्र में सक्रिय होकर काम करते हैं तथा वैसी वीर नारियां जिनके पति सीमा पर शहीद हो गए हैं तथा वैसे पूर्व सैनिक जो अपने जान को जोखिम देकर सीमा पर संघर्ष किए हैं. उनके सम्मान में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसके मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय तथा विशिष्ट अतिथि जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी तथा सम्मानित अतिथि मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय एवं केके एडुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष विकास सिंह थे. सभा की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय अध्यक्ष शिव पुजन सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों की समाज में दयनीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आप बुजुर्गों को अपने घर में सम्मान नहीं मिल रहा है. संयुक्त परिवार टूटने से बुजुर्गों का जीवन अकेला हो गया है. (नीचे भी पढ़े)
सारी सम्पत्ति रहते हुए कुछ बुजुर्ग अपने घरों में अकेले या पति पत्नी के साथ रहते हैं. बुढ़ापे में उनका देखभाल करने वाला कोई नहीं है. कुछ लोग अकेला ज़िन्दगी से ऊबकर आत्महत्या कर रहे हैं. कुछ लोग अकेले घर मे सोये रह जाते हैं. ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए जिला प्रशासन के तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है. बाराद्वारी में एक ओल्ड एज होम है, जिसमें मात्र 24 लोगों की व्यवस्था है. उसे बढ़ाने के लिए समिति जिला प्रशासन और सरकार से आग्रह किया है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. वैसे बुजुर्ग जो आर्थिक रूप से सम्पन्न लेकिन अकेले रहते हैं. उनकी ओल्ड एज होम में रहने के लिए भवन बनाने के लिए समिति ने मांग की है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बुजुर्गों की दयनीय स्थिति को देखकर तथा सरकार की पहल नहीं करने को देखकर के के एडुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष विकास सिंह वरिष्ठ नागरिकों को भवन बनाने के लिए 21 लाख अनुदान राशि देने की घोषणा किए. (नीचे भी पढ़े)
मुख्य अतिथि सरयू राय ने कहा कि सरकार का कुछ भवन वर्षों से बेकार खंडहर बना हुआ है. मै जिला प्रशासन से सम्पर्क कर समिति को दिलवाने की कोशिश करुंगा. मंगल कालिंदी ने उनकी बातों का समर्थन करते हुए यथासंभव मदद करने को कहा. राकेश्वर पांडेय ने कहा कि केन्द्रीय अध्यक्ष के साथ शहर के वरिष्ठ नागरिक तथा बुद्धिजीवी वर्ग मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए बैठक करेंगे. बच्चों में संस्कार की भावन कैसे आयेगी इस पर भी हम-लोग काम करेंगे वैसी वीर नारियां जो जिनके पति सीमा पर शहीद हो गए हैं. फिर भी गर्व से कहती है मेरा पति देश के लिए शहीद हुआ है तथ वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया. (नीचे भी पढ़े)
सम्मानित वरिष्ठ नागरिक में हरि बल्लभ सिंह आरसी, ए के श्रीवास्तव, आर पी त्यागी, मुरली धर केडिया, अरुण तिवारी, यमुना तिवारी, व्यथित स्नेहलता, कृपया सिन्हा, डा डी पी शुक्ला, डी के मिश्रा, कन्हैया लाल अग्रवाल, अवधेश पाठक, यश देवी, अरविन्द विद्रोही, कैलाश प्रसाद, यमुना तिवारी , वीर नारी जग माया देवी, दुर्गावती देवी, पुनिता शर्मा, पद्मजा राव, सविता आशा सिंह, वीर सैनिक सुशील सिंह, डा कमल शुक्ला, कोमल दूबे, राम जन्म तिवारी, नरेन्द्र कुमार, रजत डे, बिजेंद्र सिंह, वृज किशोर सिंह, संजय सिंह, महेश कुमार, हंस राज सिंह, निवेदिता श्रीवास्तव, राष्ट्रीय गीत गाई ज्योति पांडेय, शहीदों पर गीत गाकर सबको रुला दी. रागिनी भूषण बुजुर्गों पर बड़ी मार्मिक गीत गाई. मंच संचालन सुशील सिंह ने किया. धन्यवाद ज्ञापन धन्नजय राय ने किया. कार्यक्रम में रिचर्ड जे एन अग्रवाल, दिनेश प्रसाद, सीता सिंह, अनिता सिंह, मुनमुन चक्रवर्ती, विनिता मिश्रा, ममता सिंह, मीना सिंह, उमेश कुमार सिंह, रमेश कुंवर, दिनेश सिंह, वाई पी सिंह, सुशील कुमार, भोला सिंह, जनार्दन सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह इत्यादि मौजूद थे.



