
जमशेदपुर : जमशेदपुर में स्नेक ब्याय से प्रचलित होने वाले बागबेड़ा निवासी मिथलेश श्रीवास्तव उर्फ छोटू ने कमाल कर दिया. उसने एक उड़ने वाले सांप को पकड़ लिया, जिसको कॉमन तौर पर फ्लाइंग स्नेक कहा जाता है. यह होता तो छोटा सा है, लेकिन काफी जहरीला होता है. जमशेदपुर के राजू बगान में एक मोटर साइकिल चालक की गाड़ी के हेडलाइट में वह कैसे घुस गया था, यह किसी को मालूम नहीं. चालक जब गाड़ी चला रहा था तो देखा कि हेडलाइट की ओर से एक सांप निकल गया है. उसके होश उड़ गये. जैसे ही उसने हल्ला किया, वैसे ही वह फिर से हेडलाइट के अंदर घुसकर बैठ गया.
बाद में स्नेक ब्याय को बुलाया गया और उस स्नेक ब्याय ने त्वरित काम करते हुए उक्त सांप को पकड़ लिया और उसको अपने कब्जे में लेकर वापस जंगलों में छोड़ दिया. इसी तरह सोमवार को छोटू श्रीवास्तव ने एक घायल रेड धामिन सांप को रेस्क्यू किया और बड़े ही प्यार से सांप के ज़ख्म पर मरहम पट्टी भी लगाया. दरअसल सोमवार को मिथिलेश श्रीवास्तव को किसी ने कॉल कर के बताया कि उनके घर के सामने एक घायल साँप दो दिनों से कुंडली मारकर बैठा हुआ है. साँप क़रीब पाँच फ़ीट से ज्यादा लंबा था जिससे घरवाले दहशत में थें. सूचना मिलते ही छोटू अपने स्नेक सेवर्स टीम के साथ मौके पर पहुँचें और घायल साँप को रेस्क्यू किया. साँप को पकड़ने पर देखा कि उसके शरीर पर काफ़ी ज्यादा जख्म हैं और उसपर कीड़े लगे हुए हैं. साँप की इस पीड़ा को मिथिलेश श्रीवास्तव (छोटू) बर्दाश्त नहीं कर सकें. उन्होंने फ़ौरन अपने फ़र्स्ट ऐड किट निकाल कर पहले तो डेटॉल और रुई से ज़ख्म को अच्छे से साफ़ किया. उसके बाद अपने सहयोगियों के सहारे उस ज़ख्म पर दवा लगाकर मरहम पट्टी बाँध दिया.
उपचार करने के बाद दूर जंगल में साँप को छोड़ दिया गया. इस बाबत मिथिलेश श्रीवास्तव उर्फ़ छोटू ने बताया कि उन्होंने इसका कहीं से प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है, बल्कि स्नेक रेस्क्यू करते करते वे अभ्यस्त हो चुके हैं. बताया कि साँप पर्यावरण और प्रकृति के मित्र होते हैं. ऐसे में हर हाल में साँपों की रक्षा की जानी चाहिए. कहा कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार भी साँपों को पूज्य माना गया है, किंतु डर के कारण अक्सर इंसान इन्हें नुक्सान पहुंचाते हैं और मार देते हैं. मिथिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वे और उनकी स्नेक सेवर्स टीम का उद्देश्य है साँपों को बचाना और साँपों से इंसानी जीवन की रक्षा करना. मिथिलेश श्रीवास्तव उर्फ़ छोटू ने बताया कि उन्हें हर दिन जमशेदपुर और आसपास के इलाकों से दर्जनों कॉल आती है. वे और उनकी टीम के सदस्य प्रयास करते हैं कि लोगों की सेवा के साथ ही साँपों को भी रेस्क्यू कर दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाये.















