जमशेदपुर:देश बढ़ते प्रदूषण, गलत-खान पान और अव्यवस्थित जीवनशैली सभी रोगों की जड़ मानी जाती है. इसके कारण ही अधिकतर लोग हर्ट बीमारी के शिकार हो रहे है. वहीं मोटपा, डायबिटीज, शुगर, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना सहित अन्य कई कारणों से हार्ट अटैक की बीमारी हो रही है. उक्त बातें शनिवार को टेल्को क्लब में टाटा मोटर्स मेडिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित वर्कशॉप में उपस्थित सूरत से आये डॉ आलोक रंजन ने कही. उन्होंने कहा कि इसके प्रति लोगों की जागरूकता कम होने के कारण हार्ट से अधिक मौत होती है. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि हार्ट की नस से हार्ट के मांसपेशियों में ब्लड जाता है. किसी कारण से जब यह पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है तो अचानक हार्ट अटैक हो जाता है. जिससे मरीज की मौत हो जाती है. इसके साथ ही अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है तो हार्ट अटैक होने का चांस ज्यादा रहता है. इंडिया में हार्ट से मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि 70 वर्ष के लोगों हार्ट अटैक के शिकार होते है इसमें 50 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है. वहीं दूसरे देश में इसमें 25 प्रतिशत लोगों की ही मौत होती है. इसका कारण है भारत की तुलना में दूसरे देश के लोग इसको लेकर काफी जागरूक है. उन्होंने कहा कि एंजियोग्राफी से हार्ट का इलाज काफी आसान हो गया है.



