बबलू चौबे / जमशेदपुर : दिनभर कोर्ट-कचहरी की व्यस्तता और कानूनी दलीलों के बीच समय बिताने के बाद जहां ज्यादातर लोग आराम करना पसंद करते हैं, वहीं जमशेदपुर के अधिवक्ता संजय कुमार सरोज ने अपने लिए सुकून का एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. उनका यह रास्ता शहर की भागदौड़ से निकलकर सीधे प्रकृति और जानवरों के बीच पहुंचता है. यही वजह है कि आज लोग उन्हें प्यार से ‘मंकी मैन ऑफ जमशेदपुर’ और ‘बंदर वाले वकील साहब’ के नाम से जानते हैं. संजय कुमार सरोज को बचपन से ही जानवरों के प्रति खास लगाव रहा है. कोर्ट और दफ्तर की जिम्मेदारियों के बीच जब भी उन्हें समय मिलता है, वे खुली वादियों और प्राकृतिक जगहों पर निकल पड़ते हैं. इसी दौरान उनका जुड़ाव जमशेदपुर के दलमा क्षेत्र में रहने वाले बंदरों से हुआ.(नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब वे घूमने जाते थे तो रास्ते में बंदरों को देखकर अपने साथ एक-दो दर्जन केले ले जाया करते थे. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि वहां बंदरों की संख्या काफी ज्यादा है और सभी उनकी ओर उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं. इसके बाद साल 2019 से उन्होंने इसे एक नियमित पहल बना दिया. अब लगभग हर रविवार वे अपनी गाड़ी में करीब 3000 रुपये तक के फल और सब्जियां लेकर निकलते हैं. इनमें केला, आम, अमरूद, अनार, पपीता, खीरा और गाजर जैसी चीजें शामिल रहती हैं. पहाड़ियों और जंगलों के बीच पहुंचकर वे इन जानवरों के साथ समय बिताते हैं और उन्हें खाना खिलाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

दिलचस्प बात यह है कि अब यह रिश्ता सिर्फ खाना खिलाने तक सीमित नहीं रहा. संजय बताते हैं कि कई बंदर उनकी गाड़ी और उनकी आवाज को पहचानने लगे हैं. जैसे ही उनकी गाड़ी पहाड़ियों के पास पहुंचती है, बंदर आसपास इकट्ठा होने लगते हैं. उन्होंने कई बंदरों के नाम भी रखे हैं जैसे चिंकी, शेरा, डॉन, बादशाह और सांभा. उनके मुताबिक, लंबे समय से साथ रहने के कारण कई जानवर अब उनके दोस्त जैसे हो गए हैं. हालांकि शुरुआत आसान नहीं थी. कई लोगों ने उनका मजाक भी उड़ाया और पूछा कि आखिर वे अपना समय और पैसा इस काम में क्यों लगा रहे हैं. लेकिन समय के साथ लोगों ने उनकी भावना और जानवरों के प्रति उनके लगाव को समझा. आज कई लोग उनके साथ इस अनुभव का हिस्सा बनने भी जाते हैं. संजय कुमार सरोज की यह पहल बताती है कि इंसान और प्रकृति का रिश्ता सिर्फ जरूरत का नहीं, बल्कि अपनापन और संवेदनाओं का भी हो सकता है.






