जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में सोमवार को पहली बार बीसीए विभाग की ओर से इंजीनियर्स डे मनाया गया. कुलपति प्रो इला कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इंजीनियर्स डे कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष सह कार्यक्रम समन्वयक डॉ रितेश कुमार ठाकुर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया. प्रो कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इंजीनियर्स डे सिर्फ आज के दिन के लिए नहीं बल्कि प्रत्येक दिन हमारी गतिविधियां इससे संबंधित होनी चाहिएं. उन्होंने आइक्यू के साथ एसक्यू (स्पिरिचुअल कोशेंट) को भी विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने समझाया कि आइक्यू बुद्धिमत्ता और बौद्धिक क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं एसक्यू आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करता है जो एक व्यक्ति को आंतरिक मूल्य, उद्देश्य, नैतिक सोच और जीवन के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है. उन्होंने छात्राओं को ज्ञान और तकनीकी कौशल के मूल्य और आध्यात्मिकता के साथ जोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्य अतिथि एनआइटी जमशेदपुर के डॉ चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में कहा कि इंजीनियरिंग में इनोवेशन, तकनीक और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान होना चाहिए. उन्होंने छात्राओं को समाज के विकास के लिए लगातार सीखने, रचनात्मक रूप से सोचने और तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. मंच संचालन बीसीए की छात्रा मरियम ने किया. धन्यवाद ज्ञापन बीसीए की छात्रा दीप्ति ने किया. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ सलोमी कुजूर, भौतिकी विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, केमिस्ट्री विभाग की अध्यक्ष डॉ अन्नपूर्णा झा, हिंदी विभाग से डॉ नूपुर अन्विता मिंज, डॉ पुष्पा कुमारी सहित अन्य विभागों की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं.















