जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी क्लब में स्वामी गोरखनाथ जी के सानिध्य में योग शिविर के प्रथम दिवस का भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट उज्जवल चक्रवर्ती की उपस्थिति में हुआ. शिविर में लगभग 80 साधकों ने भाग लिया. शुरुआत ‘ॐ नाद’ और ‘काया स्थैर्यम्’ के अभ्यास से हुई. प्रथम दिन स्वामी जी ने साधकों को ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटि चक्रासन, उत्तानासन, उत्तानपादासन और त्रिकोणासन के साथ-साथ अनुलोम-विलोम व नाड़ी शोधन प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया. स्वामी गोरखनाथ जी ने जीवन शैली बदलने (जीवन योग) पर जोर देते हुए कहा कि ध्यान (मेडिटेशन) योग की अंतिम कक्षा है. (नीचे भी पढ़ें)

आसन-प्राणायाम को ठीक से समझे बिना, कार्यस्थैरियम के अभ्यास के बिना सीधे ध्यान नहीं लग सकता. ध्यान लगाया नहीं जाता, बल्कि यह स्वतः स्फूर्त हो जाता है. सत्र में गहरे मानसिक विश्राम के लिए ‘योग निद्रा’ का अभ्यास भी कराया गया। स्वामी जी ने बताया कि योग निद्रा का आविष्कार स्वामी सत्यानंद सरस्वती जी ने किया था और इसका पहला परीक्षण स्वामी निरंजन जी परमाचार्य, बिहार स्कूल ऑफ योग पर हुआ था. अंत में विश्व शांति के लिए ‘शांति पाठ’ के साथ पहले दिन का सत्र संपन्न हुआ.







