रांची :झारखंड राज्य बार काउंसिल की सम्पन्न आपात बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड सरकार के झारखंड के अधिवक्ताओं के हितो की लगातार अनदेखी करने के कारण 6 जनवरी से अगले निर्णय तक झारखंड के अपने को न्यायिक कार्यों से अलग रखे.बैठक में सर्वसम्मति से घर में कोर्ट फी में बढोत्तरी, राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट नहीं लागू करने, बजट में अधिवक्ता कल्याण के लिए निधि आवंटन नहीं करने, लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक राज्य के बार एसोसिएशनो से नहीं बनाने को लेकर राज्य के अधिवक्ता अपने को न्यायिक कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया गया है. बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि 7 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास में होने वाली अधिवक्ताओ की बैठक से झारखंड राज्य बार काउंसिल का कोई संबंध नहीं है. न ही काउंसिल का कोई सदस्य इसमें भाग लेगा. बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ है कि 6 जनवरी को पूरे राज्य के बार एसोएिशन के पदाधिकारियों की बैठक झारखंड राज्य बार काउंसिल ने 11.30 बजे दिन में आहुत की है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी.(नीचे भी पढ़े)
बैठक की अध्यक्षता काउंसिल के चैयरमैन राजेन्द्र कृष्णा ने किया.बैठक में झारखंड राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेन्द्र कृष्णा, उपाध्यक्षा राजेश कुमार शुक्ल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य प्रशांत कुमार सिंह कौंसिल के सदस्य महेश तिवारी, अमर सिंह, राधेश्याम गोस्वामी, मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव, बालेश्वर प्रसाद सिंह, एके रशीदी, संजय विद्रोही, परमेश्वर मंडल, हेमंत कुमार शिकरणार, रिंकु कुमारी भक्त, अनिल कुमार महतो, धर्मेन्द्र नारायण, प्रयाग महतो, कुंदन प्रकाशन, अनिल कुमार महतो, गोपेश्वर प्रसाद झा, राज कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल थे.धन्यवाद ज्ञापन झारखंड राज्य बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने किया.उक्त जानकारी झारखंड राज्य बार काउंसिल के सदस्य सह मिडिया प्रभारी संजय कुमार विद्रोही ने दी है.











