
जमशेदपुर : वैसे तो जमशेदपुर औद्योगिक राजधानी के लिए जानी जाती है और यहां से इस्पात के निर्माण की शुरुआत हुई थी, लेकिन कई मायने में जमशेदपुर पूरे झारखंड में एक अलग स्थान रखता है. झारखंड में एनआरसी और सीएए के खिलाफ पहली आवाज जमशेदपुर से ही उठी.
जमशेदपुर के मानगो के ऐतिहासिक गांधी मैदान में संविधान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मुसलिम समुदाय से लेकर हिंदु, सिख और ईसाई समुदाय के लोग एक मंच पर दिखे और भारी भीड़ जुटी. इस सभा में शंभु कुमार सिंह-संपादक नेशनल दस्तक, अबु बकर सब्बाक-अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट, प्रताप कुमार यादव-ज़िला अध्यक्ष यादव महासभा, रविन्द्र रजक-महासचिव, एससी-एसटी लफेयर समिति, अजीत महतो-केंद्रीय अध्यक्ष आदिवासी कुड़मी समाज, नवीन मुर्मू-प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी समाज, सैफुद्दीन असदक साहब-संयोजक संविधान बचाओ संघर्ष समिति और कांग्रेस के बड़े सिख नेता बलदेव सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे.
इन लोगों ने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल (एनआरसी) का जोरदार विरोध किया. यहां लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार की इस सभा का जोरदार विरोध किया और साफ तौर पर कहा कि केंद्र सरकार हिंदु-मुसलिम में फर्क कर रही है.
हिंदु-मुसलिम को बांटकर राज करना चाहती है और एक ऐसा काला कानून लाने जा रही है, जिससे भारतीय होने का सबूत देते-देते लोगों की जिंदगी बीत जायेगी. इन लोगों ने कहा कि मुसलिम समुदाय को भारतीय होने का सबूत देना पड़ेगा जबकि मुसलिम समुदाय का भी यह भारत देश रहा है और आगे भी रहेगा और उनसे इसका सबूत मांगने की जुर्ररत नहीं करें नहीं तो इसको लेकर किसी भी हद तक हर समाज के लोग जायेंगे.

इस दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर से अपनी आवाज को बुलंद की और कहा कि इसको लेकर वे लोग आर या पार की लड़ाई पूरे झारखंड में लड़ेंगे और इसकी शुरुआत जमशेदपुर से हो चुकी है. इस सभा मेंम काफी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया.

मानगो समेत शहर के सभी स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त, 68 दंडाधिकारी तैनात
जमशेदपुर में एनआरसी और सीएए बिल के खिलाफ जमशेदपुर में एलर्ट रखा गया है. इसके लिए 68 दंडाधिकारियों को पूरे जमशेदपुर में तैनात कर दिया गया है.

मानगो में सभा के दौरान ही बजरंग बलि के मानको दाईगुट्टू मंदिर, हरिकृष्ण मंदिर समेत तमाम जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिये गये थे. हर चौक चौराहे पर पुलिस बलों के साथ ही रैफ को भी तैनात किया गया था ताकि किसी तरह की स्थिति से निबटा जा सके.






