
रांचीः झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से शुरू हो गया. यह सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा. मुख्य विपक्षी दल भाजपा के अलावा भाकपा माले के विधायक भी जनता के कई सवालों को लेकर सदन में सरकार को घेरा. ब्लड प्रोसेसिंग शुल्क 1500 रुपये वापस लेने की मांग को लेकर भाकपा माले के विधायक विनोद कुमार सिंह ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया. विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इसे तुरंत वापस लेने की घोषण करे. सरकार हर जरूरतमंद को ब्लड उपलब्ध कराने की गारंटी दे. यही नहीं स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की बैठक बुलाई जाए. (नीचे भी पढे)
उधर, विधानसभा का सत्र शुरू होने के बाद सबसे पहले दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत और भारतीय सेना के अन्य अधिकारियों को सभी विधायकों ने श्रद्धांजलि दी. विदित हो कि पिछले दिनों विमान हादसे में भारतीय सेना के सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कई अधिकारियों का निधन हो गया था. उधर, रांची जिले के खलारी में बुधवार शाम विहिप नेता मुकेश सोनी की हत्या अपराधियों ने कर दी थी. घटना के विरोध में गुरुवार को झारखंड विधानसभा के प्रवेश द्वार पर कांके विधायक समरीलाल ने धरना दिया. (नीचे भी पढे)

उन्होंने थानेदार पर कार्रवाई करने की मांग की. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध रोकने में नाकाम है. घटना के कई घंटे बाद भी अपराधी नहीं पकड़े गए. पिछले सत्र में नमाज कक्ष को लेकर उठा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और इसके साथ ही उन्मादी हिंसा का मुद्दा भी जुड़ जाने के पूरे आसार हैं. नमाज कक्ष पर बनी कमेटी ने अभी तक कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की है और कोई अनुशंसा सरकार से भी नहीं की गई है. जेपीएएसी परिणाम को लेकर विपक्ष सरकार को घेरेगी. भाजपा और आजसू के विधायक सदन के बाहर भी परिणाम पर सवाल उठा रहे हैं. (नीचे भी पढे)
खासकर, परिणाम में बाद के दिनों में किए गए सुधार पर आपत्ति जताई जा रही है. इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष भी झुकने से रहा और अब तक हुई गड़बडिय़ों के आधार पर विपक्षी पार्टियों पर ही सवाल उठाने की तैयारी में है.नियुक्ति वर्ष की घोषणा के बावजूद किसी प्रकार की नियुक्ति नहीं होने के मामले को लेकर विपक्ष मुद्दा बनाने की तैयारी में है. विपक्ष नियमावली में संशोधन पर भी सवाल उठाएगी और इसके कारण नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी. सत्ता पक्ष जोरदार तरीके से इसका विरोध करेगा.



