रांची: झारखंड में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर शिक्षा विभाग ने बहुत बड़ा फैसला लिया है. शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने यह आदेश 10 अगस्त को जारी कर दिया है. इस आदेश को सभी जिलों के उपायुक्त व जिला शिक्षा पदाधिकारी दे दी है. आदेश के अनुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. जारी आदेश में शिक्षा सचिव ने लिखा है कि झारखंड द्वारा अंगीभूत बिहार राजकीयकृ प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 1993 के आलोक में वाणिज्य स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों द्वारा सामाजिक विज्ञान विषय की कोटि में प्रोन्नति की मांग की जा रही है. एनसीटीई की अधिसूचना में कक्षा एक से लेकर 8 तक में शिक्षक के रुप नियुक्ति की पात्रता के लिए न्यूनतम योग्यता का पुनर्निधारण किया गया है. (नीचे भी पढ़े)
इसे बीए या बीएससी को स्नातक से प्रतिस्थापित किया गया है.जो वर्तमान में भी प्रभावी है. उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा भी प्रतिवेदित किया गया है कि वाणिज्य पाठ्यक्रम के आधार पर प्राप्त की गयी स्नातक की योग्यता को सामाजिक विज्ञान की श्रेणी में रखा जा सकता है. झारखंड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग( नियुक्ति,प्रोन्नति व सेवाशर्त) नियमावली 2022 और झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा संशोधन नियमावली 2022 में भी लेखा शास्त्र व व्यापार अध्ययन से स्नातक अभ्यर्थियों की नियुक्ति सामाजिक विज्ञान शिक्षक के रुप में जाने का प्रावधान है. विदित हो कि राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 1993 में मात्र एक विज्ञान व कला स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को ही विभिन्न ग्रेडो में प्रोन्नति प्रावधानित है. उक्त नियमावली में वाणिज्य संकाय के विषय को समाहित नहीं किए जाने के कारण राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत वाणिज्य स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों को विभिन्न ग्रेडों में प्रोन्नति सामाजिक विज्ञान कोटे में किए जाने बिन्दु पर निर्णय लेने के लिए 18 मई 2023 को त्रिसदस्यीय समिति गठित की गयी.(नीचे भी पढ़े)
उक्त समिति द्वारा 28 जून 2023 को उपलब्ध कराए गए मंतव्य प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया है कि स्नातक प्रशिक्षित सामाजिक विज्ञान के प्रोन्नति से भरे जाने वाले 50 फीसदी रिक्तियों के खिलाफ तैयार की जाने वाली वरीयता सूची में वाणिज्य स्नातक योग्यता एवं अहर्ताधारी शिक्षकों को नाम सम्मिलित किया जाना उचित है. इसलिए एनसीटीई के निर्देश उच्च न्यायालय के न्यायादेश, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के परामर्श और गठित समिति द्वारा प्राप्त मंतव्य के आलोक में विचार किया गया. इसके बाद निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों के वाणिज्य स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों की प्रोन्नति सामाजिक विज्ञान कोटे में करने का कार्रवाई की जाए.











