जमशेदपुर : झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की स्थिति में जल्द सुधार होने की उम्मीद कम ही है. शिक्षा मंत्री के इलाज और उनके ब्रेन के ऑपरेशन को लेकर सोमवार को यूएस के चिकित्सक के साथ अपोलो के चिकित्सकों की मीटिंग ऑनलाइन हुई. इसमें चिकित्सकों की टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ केएन सिंह ने इसको लेकर पूरी रिपोर्ट पेश की. इसके बाद तय किया गया कि उनके ब्रेन का ऑपरेशन संभव नहीं हो कता है. उनको लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ही चलाने का फैसला चिकित्सकों ने लिया है. चिकित्सकों की टीम ने मीटिंग की, जिसमें उनके परिजनों की जानकारी दी. इस दौरान झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी भी मौजूद थे. (नीचे भी पढ़ें)
चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि अभी लाइफ सपोर्ट सिस्टम में ही उनको रखना होगा. उनका ब्रेन डेड पहले ही हो चुका है. इसके बाद उनके शारीरिक स्थिति की जांच की जा रही है. रामदास सोरेन का शरीर काम कर रहा है लेकिन उनका ब्रेन काम नहीं कर रहा है. अभी और टेस्ट कराया जायेगा, जिसके बाद ही चिकित्सकों द्वारा अंतिम फैसला लिया जायेगा. आपको बता दें कि दो अगस्त को अपने घर में ही रामदास सोरेन गिर गये थे. उनके दिमाग पर चोट लग गयी थी. उनका ब्रेन हैमरेज हो गया था. (नीचे भी पढ़ें)
उनको तत्काल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर एयरलिफ्ट कराया गया था और दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज लगातार चल रहा है. पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने बताया है कि चिकित्सकों ने बताया है कि मस्तिष्क में हुए रक्तश्राव के कारण उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन स्थिर है. शरीर के अन्य सारे वाइटर पैरामीटर सामान्य है. फिलहाल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ही रखा जायेगा.











