जमशेदपुर : स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ विधायक सरयू राय के लगाये गये आरोप के बाद जांच शुरू कर दी है. बताया जाता है कि इस मामले में नया तथ्य सामने आया है, जिसमें यह जानकारी मिली है कि बन्ना गुप्ता के जिस ”बैन पिस्तौल” के लाइसेंस होने की बात बतायी गयी है, उस पिस्तौल का लाइसेंस एआइएमआइएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी डिमांड किया था, लेकिन वह नहीं मिल पाया. सरकार ने यह बताया कि इस पर बैन लग चुका है. जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने शुक्रवार को मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ डीसी जमशेदपुर से शिकायत करते हुए उनका गन लाइसेंस को रद्द करने को लेकर पत्र लिखा है. (नीचे भी पढ़ें)
विधायक सरयू राय ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आर्म्स सेक्शन के कमांडेंट आर्म्स द्वारा कोलकाता पुलिस को 27 जनवरी 2023 को प्रेषित निर्देश की छायाप्रति संलग्न किया, जिसमें बताया गया है कि मेसर्स काउंटर मेजर्स टेक्नॉलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित और जे विश्वास एंड कंपनी को 7 जनवरी 2022 को वितरण हेतु भेजी गई, जी 44 मॉडल क्लाक पिस्टल निर्माण और वितरण लाइसेंस की शर्तों को आर्म्स एक्ट के अधीन पूरा नहीं करता है इसलिए जिसने भी यह पिस्तौल खरीदा है, उससे वापस लेकर इसे सरकार के मालखाना में जमा किया जाये. इस वीडियो और फोटो को विधायक सरयू राय ने ट्विटर पर ट्वीट किया है. उन्होंने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है. (नीचे भी पढ़ें)
श्री राय ने अपने पत्र में कहा है कि उनके विश्वस्त सूत्रों से सरयू राय को सूचना मिली है कि ‘‘झारखण्ड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के पास इस श्रेणी की एक पिस्तौल है. शिकायत में बताया गया है कि जिला प्रशासन के रिकॉर्ड रूम से उनकी (सरयू राय की) सूचना की पुष्टि हो जायेगी कि इस पिस्तौल को कहीं से भी खरीदकर जमशेदपुर लाने और अपने पास रखने की जो विधिसम्मत प्रक्रिया होती है, उसका पालन मंत्री द्वारा नहीं किया गया है. वे यत्र-तत्र इसका प्रदर्शन करते हैं. श्री राय ने डीसी से कहा है कि जांचोपरांत इस बारे में विधिसम्मत कार्रवाई करेंगी तथा यह पिस्तौल जब्त कर इसे पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के मालखाना में जमा कराएंगी.



