रांची: चारा घोटाला मामले से जुड़ी लालू प्रसाद यादव समेत 54 से अधिक अपीलों की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में अब तेजी से होगी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई 2026 के आदेश का हवाला देते हुए अपीलों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया शुरू की है.सुप्रीम कोर्ट ने इससे संबंधित एसएलपी में झारखंड हाईकोर्ट से इन अपीलों की सुनवाई तेज करने और आदेश की तारीख से छह महीने के भीतर, यथासंभव, मामलों का निपटारा करने का अनुरोध किया है. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं और सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि मामलों में बहस के लिए पेपर बुक तैयार करना जरूरी है. अदालत ने पाया कि ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड काफी बड़ा और विस्तृत है. ऐसे में सभी पक्षों को पूरे रिकॉर्ड की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराना संभव नहीं है. अदालत ने अपीलकर्ताओं और सीबीआई के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड का निरीक्षण कर उन दस्तावेजों की पहचान करें, जो अपीलों की सुनवाई और बहस के लिए आवश्यक है. (नीचे भी पढ़े)
इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश पारित किया जाएगा. अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को रिकॉर्ड की खोज/निरीक्षण पूरी करने के बाद मामले को फिर से सुनवाई के लिए आठ सप्ताह के भीतर मेंशन करने की छूट दी है.अदालत ने अपीलकर्ताओं के अधिवक्ताओं को यह भी निर्देश दिया कि वे आवश्यक निर्देश प्राप्त कर अदालत को बताएं कि किसी अपीलकर्ता की मृत्यु के कारण संबंधित अपील पहले ही समाप्त हो चुकी है या नहीं. सीबीआई की ओर से एएसजीआई प्रशांत पल्लव और विशेष लोक अभियोजक दीपक भारती ने पक्ष रखा.अपीलकर्ताओं में लालू प्रसाद यादव,संजय सिन्हा, डॉक्टर कृष्ण मोहन प्रसाद, महिंदर सिंह बेदी, सुनील गांधी, डॉक्टर गौरी शंकर प्रसाद, डॉक्टर बृज नारायण शर्मा, अजय कुमार सिन्हा, विजय मल्लिक, सत्येंद्र मेहरा, रविंद्र मेहरा, रवि सिन्हा, राजन मेहता, विद्यासागर निषाद , सुशील कुमार, डॉक्टर गया प्रसाद त्रिपाठी आदि शामिल हैं.




