
रांची : झारखंड हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार के खिलाफ काफी नाराज दिखा. हाईकोर्ट की यह नाराजगी सीआइडी के एडीजी अनिल पालटा की तबादले को लेकर था, जो रेमडेसिविर कालाबाजारी माामले की जांच कर रहे थे. इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि रेमडेसिविर मामले की जांच की मोनिटिंग हाईकोर्ट खुद कर रहा है. ऐसे में एडीजी अनिल पालटा की पेशी हाईकोर्ट में हो चुकी है. ऐसे में बिना कोर्ट से पूछे कैसे एडीजी अनिल पालटा का तबादला कर दिया गया और इसकी अनिवार्यता क्या छी. सुनवााई के दौरान हाईकोर्ट ने मौखिक रुप से कहा कि सरकार के इस रवैया के कारण हाईकोर्ट को लगता है कि इस मामले की सीबीआइ जांच कराना होगा. इस दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सरकार का पक्ष रखा और कहा कि राज्य सरकार ने आइओ को नहीं बदला है बल्कि सीआइडी के एडीजी को बदला है. वह अनुसंधानकर्ता नहीं थे, इस कारण सीआइडी मामले की सही तरीके से जांच करेगी. इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि तबादले के पहले अदालत से पूछा जाना चाहिए था क्योंकि रेमडेसिविर की कालाबाजारी की जांच चल रही है और इसकी मोनिटरिंग डबल बेंच कर रही है. आपको बता दें कि राज्य सरकार ने सोमवार को ही एडीजी अनिल पालटा को सीआइडी से हटाकर दूसरी जगह ट्रांस्फर कर दिया, जिसको लेकर रेमडेसिविर कालाबाजारी को लेकर दायर याचिका में झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने हस्तक्षेप याचिका डाली और बताया कि जिस मामले की मोनिटरिंग हाईकोर्ट कर रही थी और अदालत में जिस अधिकारी ने पक्ष रखा था, उसी अधिकारी का तबादला कर दिया गया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है.




