रांची : झारखंड के राज्यसभा चुनाव 2016 में हुए हार्स ट्रेडिंग के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने शुरू कर दी है. इसकी जांच में तेजी लायी गयी है. इडी ने पुलिस से सवाल पूछे है. पीसी एक्ट (प्रीवेंशन ऑफ करप्सन एक्ट) के तहत केस दर्ज किया गया है या नहीं, इसके बारे में जानकारी मांगी है. वर्ष 2016 में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव हो रहा था. राज्यसभा चुनाव के दौरान एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया था. पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पत्नी और तत्कालीन कांग्रेस विधायक निर्मला देवी (वर्तमान कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के माता पिता) निर्मला देवी ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाये थे. उन्होंने अपने आरोप में कहा था कि वोट हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास भी उनके घर पहुंचे थे. झारखंड के तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता और रघुवर दास के प्रेस सलाहकार रहे अजय कुमार ने भी वोट दिलाने के लए दबाव दिया था कि किसी भी हाल में वह वोट ना दें. (नीचे भी पढ़ें)
इसके लिए करोड़ों रुपये का लालच दिया गया था. इस चुनाव में भाजपा के दो उम्मीदवार महेश पोद्दार और मुख्तार अब्बास नकवी ने जीत हासिल की थी. इस मामले के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रांची के जगन्नाथपुर थाना में एक केस दर्ज किया गया था. इस मामले की जांच अब तक पुलिस कर रही है. पुलिस के हाथ अब तक कोई सफलता नहीं मिली है जबकि मामले की जांच हटिया डीएसपी राजा कुमार मित्रा कर रहे हैं. इस मामले में सबूत के छेड़छाड़ की भी खबरें सामने आयी थी. इस मामले की जांच के लिए एक सीडी भी पुलिस को भेजी गयी थी, जिसकी एफएसएल जांच करायी गयी है. इसमें सीडी के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आयी है. एक मोबाइल को भी जब्त किया गया था, जिसमें बातचीत की रिकॉर्डिंग थी, लेकिन बाद में इसकी जांच में रिकॉर्डिंग नहीं मिली थी.











