
रांची : झारखंड के करीब 1200 मजदूर तेलंगाना से वापस भेजे जा रहे है. केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार कीमंजूरी के बाद एक ट्रेन में सारे मजदूरों को भेजा जा रहा है. इस ट्रेन में मजदूरों के सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया है ताकि मजदूर दूर ही दूर रहे. इस दौरान सभी को मास्क पहनाया गया है. 24 कोच की इस ट्रेन के हर बोगी में अमूमन 72 यात्रियों की सीट होती है, लेकिन इसमें लोगों की संख्या एक बोगी में 54 ही रखा गया है. बताया जाता है कि यह ट्रेन हटिया स्टेशन पर शुक्रवार की रात करीब 11 बजे तक पहुंच जायेगी. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर पर झारखण्ड के सभी श्रमिक भाई-बहनों को शुभकामनाएं दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण की कामना करती है. मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे मालूम है, लॉकडाउन में श्रमिकों को कष्ट झेलना पड़ रहा है. सरकार श्रमिकों के शीघ्र सकुशल वापसी और बेहतरी के लिए कार्य कर रही है. इस बीच सियासत भी तेज हो गयी है.
प्रवासी मजदूरों को झारखण्ड लाने को लेकर झारखंड सरकार ने की तैयारी, हटिया स्टेशन पर होगा इंतजाम
तेलंगाना से आ रहे मजदूरों के मसले पर हटिया स्टेशन पर एक हाइलेबल मीटिंग हुई. इस बैठक में परिवहन सचिव के रवि कुमार, उपायुक्त रांची राय महिमापत रे, एसएसपी अनीस गुप्ता, एसपी सिटी सौरभ, एसपी ट्रैफिक अजित पीटर डुंगडुंग, जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार, एडिशनल डीआरएम अजित सिंह यादव, रेलवे पीआरओ नीरज कुमार, सीनियर डीसीएम अवनीश, रेलवे सुरक्षा बल के कमांडेंट प्रशांत सिंह तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिया गया. जो भी प्रवासी मजदूर झारखण्ड आएंगे और हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे उनको रिसीव करने के लिए कोई भी परिजन नहीं आएंगे. सभी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की सुविधा सरकार द्वारा की जाएगी. बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी को यह निदेश दिया गया है कि किस जिला में कितने मजदूरों को भेजना है उस हिसाब से बसों की पर्याप्त व्यवस्था करें तथा बस रवाना करने के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन्हें अपने जिला भिजवाना सुनिश्चित करेंगे. जिला परिवहन पदाधिकारी सभी बस चालकों और बस कर्मियों के मोबाइल नंबर को संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे. सभी बस कर्मियों को कोविड-19 की रोकथाम से सम्बंधित सुरक्षा के उपायों के बारे में बस रवानगी से पूर्व महत्वपूर्ण ब्रीफिंग की जाएगी. जो भी मजदूर ट्रेन से आएंगे उनको उनके संबंधित जिला के बस पर बिठाया जाएगा. इस हेतु लगातार माइकिंग की जाएगी. सोशल डिस्टनसिंग का संधारण करने तथा अन्य सुरक्षा उपायों के बारे में लगातार माइकिंग की जाएगी. रेलवे कोच में यात्रा करने के दौरान ही सभी लोगों को रेलवे कर्मियों के द्वारा कोविड सुरक्षा उपायों के बारे में ब्रीफिंग की जाएगी.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मजदूरों की वापसी को लेकर सिर्फ राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रही है जबकि केंद्र और तेलंगाना सरकार ने मजदूरों को ट्रेन से ही वापस भेज दिया है, जो मजदूरों को मजदूर दिवस पर बड़ा तोहफा है. सिर्फ मजदूरों को ठगने का काम किया जा रहा है.














