
रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी शुक्रवार से आहूत की गयी है. यह बजट सत्र 25 मार्च तक चलेगा. इसको लेकर तैयारी तेज हो गयी है. इस कड़ी में झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सत्र के एक दिन पहले गुरुवार को सर्वदलीय बैठक आहूत की. इस बैठक से भाजपा ने दूरी बनायी. भाजपा के कोई भी विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए. दरअसल, भाजपा के बाबूलाल मरांडी को सदन में विपक्ष का नेता नहीं बनाये जाने को लेकर भाजपा में नाराजगी है. यहीं वजह है कि भाजपा लगातार सर्वदलीय बैठकों से अपने को दूर रख रहा है. वहीं, इस मसले को लेकर सदन में न्यायाधिकरण में सुनवाई भी चल रही है, जिस कारण विधानसभा अध्यक्ष न्यायाधिकरण में ही फैसला लेने की बात कह चुके है. गुरुवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान सदन को किस तरह संचालित करना है, कैसे विधेयकों को पारित कराना है और किस तरह सदन में मौजूद सारे 81 विधायकों का सम्मान रखना है और उनके सवालों का जवाब मिलना है, उस पर विस्तार से चर्चा की गयी. विधानसभा में सदन के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा निर्दलीय विधायक सरयू राय, निर्दलीय विधायक अमित कुमार, माले विधायक बिनोद सिंह समेत झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक मौजूद थे. इस दौरान कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी. इसके बाद सारे लोगों ने पूरे सदन के स्थल को देखा. इन लोगों ने देखा कि किस तरह की सुरक्षा रखना है और किस तरह विधायकों को आना जाना है. इसके अलावा कोरोना को लेकर क्या गाइडलाइन है, उसका भी अनुपालन को सुनिश्चित कराया जायेगा. (नीचे देखे भाजपा की क्या है तैयारियां और सत्र में क्या होगा)

भाजपा समेत कई विपक्षी दल घेरेगी सरकार को, तैयारियां की गयी
भाजपा ने आंतरिक बैठक भी विधायकों को लेकर की है. इस कड़ी में विपक्षी दल सरकार को घेरने की तैयारी की है. भाजपा मुख्य तौर पर नयी नौकरियों, नियोजन नीति, भाषा के विवाद को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनायी है. आंतरिक तौर पर वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर भी सरकार की आलोचना और घेराव करने की तैयारी की गयी है. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो द्वारा विपक्ष के दल के नेता के तौर पर बाबूलाल मरांडी को मान्यता नहीं दे रहे है. इस मुद्दे पर भी घेराव करने की तैयारी की गयी है. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा को लेकर भी तैयारियां की गयी है. (नीचे पढ़े कैसा होगा सत्र)

3 मार्च को पेश होगा झारखंड का बजट
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी शुक्रवार को होगी. राज्यपाल रमेश बैस के अभिभाषण के साथ पहले दिन सत्र की शुरुआत की जायेगी. इसको लेकर झारखंड मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग (संसदीय कार्य) ने अधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार अपना वार्षिक बजट 3 मार्च को ही पेश करेगा. देश को आर्थिक तौर पर नयी आजादी दिलाने वाले जमशेदजी नसरवानजी टाटा के जन्मदिन के मौके पर राज्य का बजट पेश होगा. 2 मार्च को अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा. इस दौरान 17 दिन विधानसभा का सत्र आयोजित किया जायेगा. इस दौरान बीच में होली का अवकाश होगा. इस दौरान ही 3 मार्च को राज्य का आम बजट पेश किया जायेगा. पहले दिन 25 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण और शोक प्रस्ताव के बाद सरकार के जारी अध्यादेशों की प्रति को सदन के पटल पर रखी जायेगी. 28 फरवरी को राज्य सरकार द्वारा तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा. राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद और मतदान भी कराया जायेगा. 2 मार्च को सरकार का अनुपूरक बजट पेश होगा और चर्चा करायी जायेगी. 3 मार्च के बजट पर चर्चा होगी और विभिन्न विभागों की मांगों पर चर्चा की जायेगी. 25 मार्च तक सदन चलेगा. 23 मार्च को राज्य सरकार अपना आम बजट को पेश करा लेगी. 25 फरवरी को सदन की शुरुआत के बाद 26 और 27 फरवरी को छुट्टी रहेगी. इसके बाद 1 मार्च, 5 मार्च, 6 मार्च, 12 मार्च, 13 मार्च, 16 मार्च, 17 मार्च, 18 मार्च, 19 मार्च और 20 मार्च को छुट्टी दे दी जायेगी. इसमें 16 से 20 मार्च तक होली की छुट्टी दी गयी है. इसके बाद बजट का सत्र संचालित होगा.






