
जमशेदपुर : देश में लगातार दो वर्षों में लॉकडाउन के बीच शुक्रवार को अक्षय तृतीया के मौके पर देश भर में सोने और सोने से बनी ज्वेलरी का कारोबार लगभग न के बराबर हुआ. एक अनुमान के अनुसार आज देश भर में लॉकडाउन के कारण लगभग 10 हजार करोड़ रुपये, झारखण्ड में 250 करोड़ रुपये और जमशेदपुर में लगभग 50 करोड़ रुपये का सोने और ज्वेलरी का व्यापार नहीं हो सका. पिछले साल भी लॉक डाउन के चलते अक्षय तृतीया पर ज्वेलरी व्यापारी कोई ख़ास कारोबार नहीं कर पाए थे. यह बताते हुए कंफेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोंथालिया ने बताया कि अक्षय तृतीया के साथ ईद भी होने के कारण सोना-चांदी के व्यापारियों को ईद पर होने वाले व्यापार का भी अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा है. उन्होंने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों में लॉकडाउन है और अन्य राज्यों में कोरोना की बंदिशों के कारण तथा जिन राज्यों में भी बाजार खुले थे, वहां कोरोना के भय के कारण ग्राहक ही नहीं आये इसलिए आज देश भर के सोना-चांदी एवं ज्वेलरी के व्यापारी बेहद निराश और मायूस रहे. देश भर में लगभग 4 लाख सोने एवं ज्वेलरी व्यापारी है. पौराणिक हिन्दू मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया को हर शुभ और मांगलिक कार्यों को करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा होती है. इस दिन शुभ फल की प्राप्ति के लिए सोने की वस्तुएं खरीदने का चलन सदियों से हैं और अगर सोना खरीदना संभव न हो तो लोग अपनी क्षमतानुसार किसी अन्य धातु से बनी चीज भी खरीद सकते हैं. वर्ष में केवल अक्षय तृतीया को सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि मे होते हैं. अतः ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है. सम्पूर्ण भारत वर्ष में विशेष कर दक्षिण भारत मे लोग से ज्वेलरी, बुलियन और सिक्को के रूप में सोना खरीदते हैं, साथ ही इस दिन चूंकि शादी विवाह भी काफी होती है, इसलिए भी आज के दिन सोने की खरीदारी की जाती है. जमशेदपुर ज्वेलर्स एसोसियेसन के अध्यक्ष बिपिन भाई अडेसरा ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सोने एवं ज्वेलरी व्यापारियों की दुकाने और मार्केट पूरे तौर पर बंद रहीं, जिसके कारण जमशेदपुर में सोने और ज्वेलरी का व्यापार हो नहीं पाया. बिपिन भाई ने कहा है कि देश में धनतेरस के बाद अक्षय तृतीया दूसरा सबसे ज्यादा सोने की खरीद वाला त्योहार माना जाता है किन्तु कोरोना की वजह से लगातार दूसरे वर्ष अक्षय तृतीया पर सोने की खरीद में लगभग न के बराबर हुई. श्री सोन्थालिया ने कहा कि 2019 में देश में सिर्फ अक्षय तृतीया पर ही सोने एवं ज्वेलरी का व्यापार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये हुआ था और उस वक्त सोने का भाव लगभग 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था, किन्तु 2020 में अक्षय तृतीया पर मई माह में लॉकडाउन की वजह से देश में केवल लगभग 980 करोड़ रुपये का सोने का व्यापार हुआ जब सोने का भाव लगभग 52 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था. आज जब देश में सोने का भाव लगभग 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम है तब लगभग 20 टन सोने का व्यापार आज नहीं हो पाया. व्यापारियों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि कोरोना से उपजी परिस्थियां कब सामान्य होंगी और कब व्यापार खुलेगा और फिर न जाने कितना समय लगेगा व्यापार को व्यवस्थित करने में.



