रांची : एक दिसंबर से झारखंड में रजिस्ट्री के साथ ही ऑनलाइन म्यूटेशन हो जायेगा. इसकी सुविधा की शुरुआत गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कर दी. खुद से ऑनलाइन म्यूटेशन की सुविधा की शुरुआत होते ही अब लोगों को दफ्तरों का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा. इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम तथा श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता भी उपस्थित थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं. आज हुए सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का शुभारंभ भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा आप सभी जानते हैं कि जमीन खरीद-बिक्री हेतु निबंधन, दाखिल-खारिज, रसीद कटने से लेकर रजिस्टर पंजी-2 तक की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. कई बार ये प्रक्रियाएं आम जनता के लिए काफी जटिल हो जाती हैं. (नीचे भी पढ़ें)

राज्य सरकार का प्रयास है कि हम आम जनता को सरल और सुलभ व्यवस्था उपलब्ध कराएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन प्रक्रिया का शुभारंभ होने से आम व्यक्ति भीअब बिना कोई परेशानी उठाए निबंधन के बाद अपने उक्त भूमि का दाखिल-खारिज करा सकेगा. मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े जिला एवं प्रखंडस्तरीय अधिकारियों से कहा कि सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन प्रक्रिया पहली बार झारखंड में लागू की जा रही है, हो सकता है की प्रारंभ में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं. आप सभी अधिकारी शुरुआती 15 से 20 दिनों तक इस प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए रखें. कहीं कुछ तकनीकी दिक्कतें होने पर विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें ताकि समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जा सके. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री के.के.सोन, निदेशक श्री उमाशंकर सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे. (नीचे पढ़ें पूरी खबर)
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें- मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराएं. इस पारदर्शी प्रक्रिया की शुरुआत होने से ग्रामीण लोगों को बिचौलियों से भी मुक्ति मिल सकेगी. वैसे बिचौलिए जो ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहते हैं उनसे लोगों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक कार्य योजना तैयार कर रही है जिसमें ओल्ड एज के लोगों को कचहरी का चक्कर न काटना पड़े और उनका सभी कार्य आसानी से संपन्न हो सके. (नीचे भी पढ़ें)
3 लाभुकों ने साझा किए अनुभव
मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन प्रक्रिया के तहत लाभान्वित 3 लाभुक दामिनी दीक्षित तिवारी (हिनू), शैलेश कुमार (बेड़ो) एवं पूर्णिमा कुमारी (नगड़ी) ने इस प्रक्रिया के फायदे से संबंधित अनुभव साझा किए. (नीचे भी पढ़ें)
सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन की पृष्ठभूमि :
भूमि का दाखिल-खारिज, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के तहत प्रदान की जाने वाली एक नागरिक केन्द्रित सेवा है जिसे वर्तमान में झारभूमि पोर्टल के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है. इस क्रम में विभाग को यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि भूमि के निबंधन के पश्चात दाखिल-खारिज हेतु मेटा-डेटा में त्रुटि होने एवं दस्तावेजों के अपलोड नहीं होने के कारण अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को निरस्त कर दिया जा रहा है. फलस्वरूप रैयतों को पुनः अलग से दाखिल-खारिज के लिए झारभूमि पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है, इससे रैयतों को अनावश्यक काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन की पहल की जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन (खुद से म्युटेशन होना) का उद्देश्य :
इसका उद्देश्य है भूमि के निबंधन के बाद आम जनता को पारदर्शी तरीके से सुलभतापूर्वक दाखिल-खारिज की सेवा प्राप्त हो सके. (नीचे भी पढ़ें)
सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन का परिचय :
दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए स्टेट एनआइसी रांची एवं एनजीडीआरएस पुणे टीम द्वारा एनजीडीआरएस पोर्टल एवं झारभूमि पोर्टल में आवश्यक तकनीकि परिवर्तन किये गये हैं, जिससे कि अब निबंधित विलेख (डीड) रियल टाईम बेसिस पर झारभूमि पोर्टल में संबंधित अंचलाधिकारी के लॉगईन में प्रेषित हो जायेगा एवं तत्क्षण ही आवेदक को एसएमएस के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या की सूचना प्राप्त हो जायेगी तथा आवेदक दाखिल-खारिज के निष्पादन की अद्यतन स्थिति को ट्रैक कर पायेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन के फायदे :
• भूमि के निबंधन के बाद दाखिल-खारिज के लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी एवं अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.
• भूमि के निबंधन के बाद स्वतः रियल टाईम आधार पर दाखिल-खारिज के लिए संबंधित अंचल अधिकारी को म्यूटेशन केस नं० के साथ सभी दस्तावेज प्रेषित हो जायेंगे.
• आवेदक को एसएमएस के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या प्राप्त होगी जिससे आवेदन के अनुपालन की अद्यतन स्थिति को झारभूमि पोर्टल पर ट्रैक किया जा सकेगा.




