रांची : झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने नेता गौरव वल्लभ को टिकट नहीं दिया है. गौरव वल्लभ पिछले दस दिनों से रांची में जमे थे. खुद को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित कराने के लिए एड़ी चोटी एक किये हुए थे, लेकिन सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन उनके साथ धोखा हो गया. भाजपा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे परिमल नाथवानी को अपना समर्थन दे दिया, जो निर्दलीय राज्यसभा का नामांकन किये. उनके प्रस्तावक भी भाजपा के नेता ही बने. इसके बाद भाजपा ने तय कर लिया है कि परिमल नाथवानी को ही वे लोग समर्थन करेंगे. पहले राज्यसभा उम्मीदवार को घोषित करने के लिए काफी दिनों तक मंत्रणा हुई थी. पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार में शामिल गौरव वल्लभ को टिकट देने की तैयारी थी. लेकिन इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे परिमल नाथवानी ने अपना नामांकन ले लिया, जिसके बाद समीकरण बदल गया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद तय हुआ कि भाजपा परिमल नाथवानी का समर्थन करेगी. वे खुद अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी. परिमल नाथवानी पहले भी झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके है. जाहिर सी बात है कि पार्टी ने उनको समर्थन दे दिया. उनके साथ ही एनडीए का समर्थन भी परिमल नाथवानी को मिला है. कुल 24 विधायकों का साथ मिल चुका है. अब बचे हुए चार विधायक के समर्थन की जरूरत उनको है. इससे पहले परिमल नाथवानी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले थे. परिमल नाथवानी को अगर जीतना है तो फिर 28 वोट चाहिए होगा और अगर झामुमो और कांग्रेस अपना प्रथम वरीयता का वोट कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा को देती है और राजद और माले के विधायक वोट नहीं देने जाते है तो भी परिमल नाथवानी जीत जायेंगे. अंदरखाने बात तो यह आ रही है कि ऐसा ही रणनीति पर काम चल रहा है.







