रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा राज्यसभा के लिए महुआ माजी को प्रत्याशी घोषित कर दिये जाने के बाद कांग्रेस बैकफुट पर नजर आने लगी है. कांग्रेस के पास अब सीमित विकल्प है क्योंकि उनके पास 17 विधायक है. झामुमो अगर समर्थन नहीं करेगी तो कभी भी कांग्रेस जीत नहीं सकती है. यह उम्मीद की जा रही थी कि रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि गुलामनबी आजाद को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित की जा सकती है. लेकिन अब झामुमो ने इसकी घोषणा कर दी है. इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि पहले जो बातचीत हुई है और सोनिया गांधी जी से जो बातचीत हुई है, उसमें काफी अंतर है. विरोधाभास है. लेकिन अब कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय मंगलवार को आने वाले है. वे ही इस मामले को लेकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस आलाकमान का जो आदेश होगा, वह माना जायेगा. गठबंधन को लेकर फैसला मिलकर ही लेना उचित होता है. श्री ठाकुर ने कहा कि गठबंधन केंद्रबिंदू में है, लेकिन अगर कोई फैसला लिया है तो कांग्रेस के आलाकमान को जानकारी दे दी है. कांग्रेस प्रभारी को जानकारी दे दी है. दूसरी ओर, झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो स्वाभाविक हकदार थी. इस कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जो घोषणा की है, वह सही की है. उन्होंने कहा कि घोषणा के दो दिन पहले विधायकों के साथ बैठक की गयी. इसके बाद कांग्रेस के नेताओं से बातचीत हुई है. इसके बाद कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से बातचीत कर मुख्यमंत्री लौटे है और प्रत्याशी की घोषणा कर दी है, ऐसें में कोई परेशानी की स्थिति नहीं है. गठबंधन के फैसले को कांग्रेस भी स्वीकार करेगी, ऐसी उम्मीद है.





