रांची : राज्य के 65 अंगीभूत महाविद्यालयों के कर्मचारियों ने यहां राजभवन के समक्ष लगातार चौथे दिन अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा. आंदोलनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनका जब तक महाविद्यालय अथवा 10+2 विद्यालयों में समायोजन नहीं हो जाता, तब तक वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि अंगीभूत महाविद्यालयों के ये कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष विगत चार दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें ऐसी महिला कर्मचारी भी शामिल हैं जो अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कड़ी धूप में धरना-प्रदर्शन कर रही हैं. आंदोलनकारी महिलाओं ने बताया कि वे गरीब परिवारों से आती हैं. कॉलेज के न्यूनतम वेतन से ही उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा था. लेकिन अब अचानक उन्हें बेरोजगार कर दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. वहीं झारखंड अंगीभूत महाविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लाकड़ा से मुलाकात की. उन्होंने कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि इसमें जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस धरने में राजेश कुमार, दीपक मेहरा, गंगा राम, निर्मय कुमार, सेल्सटीना हेंब्रम, निशिकांत यादव, अनुज कुमार, संजीव कुमार, संदीप टूटी, जय मसीह तिग्गा, सिरका देमता, रेतना मिंज, अन्नी कुमारी, लखी कुमारी, सुनीता एक्का आदि कई कर्मचारी शामिल रहे.




