
रांची : तमाड़ में 11 विदेशी मुसलमान मस्जिद में रूके थे. बुंडू डीएसपी अजय कुमार को जब इस संबंध में सूचना मिली तो उन्होंने तमाड़ थाना को इसकी सूचना दी और बीडीओ को भी साथ भेजा. पुलिस ने पूछताछ की और पता लगाया तो पाया कि चीन और दूसरे देशों के मौलवी तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़ंगाव में मिले. इस इलाके के एक मस्जिद में सभी मुसलिम समुदाय के लोग रूके थे. यहां मस्जिल में 11 विदेशी मुसलमान मिले हैं. इसकी पूरी जांच के बाद सभी को भी को रेस्क्यू करते हुए क्वारनटाइन के लिए मुसाबनी स्थिति कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल में भेज दिया गया है. वैसे उनके प्रारंभिक जांच में किसी तरह का कोरोना वायरस नहीं पाया गया है, लेकिन अभी दूसरी जांच रिपोर्ट आना बाकि है. वैसे आपको बता दें कि विदेश से आये लोग ठीक से हिंदी नहीं बोल पाते लेकिन वो जितना बता पाये वो ये कि धर्म प्रचार के लिए निकले हैं. इससे सवाल यह उठ रहा है कि आखिर झारखंड में वैसे विदेशी मुसलमान, जिनको हिंदी तक नहीं आती है, वे लोग कर क्या रहे थे. उन लोगों ने पूछताछ में बताया है कि यहां की मस्जिद से वह लोगों से मिलते थे धर्म के बारे में बताते थे.रिपोर्ट के अनुसार जो जानकारी मिली है उसके अनुसार ये धर्मप्रचारक चार महीना पहले भारत आये हैं और सभी जगहों पर घूमकर धर्म प्रचार करते हैं. यह हर साल आते हैं और 40- 50 दिनों के लिए भारत आते हैं.देश के अलग- अलग राज्यों की मस्जिदों में रूक कर धर्म प्रचार करते हैं. इनकी संस्था तब एलएलजीआइ जमायत है.

ये सभी लगभग डेढ़ महीना पहले दिल्ली पहुंचे और 19 की शाम को सभी यहां पहुंचे.इस बारे में डीएसपी अजय कुमार ने बताया कि सभी के कागजात की जांच की जा रही है. इनमें 11 विदेशी हैं जो चीन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. सभी के पासपोर्ट और वीजा की भी जांच की जायेगी. जाँच का विषय यह है कि आखिर लोग हिंदी भी नही बोल पाते है तो भारत के लोगो को धर्म के बारे में जानकारी कैसे देंगे . वैसे जहाँ उन सभी व्यक्तियों को क्वारंटाइन के लिए रखा गया है वहाँ के लोगो द्वारा इसका विरोध भी किया जा रहा है. क्योकि उन्हें डर है कि कही उन व्यक्तियों को वहाँ रखने से आस पास कोरोना फ़ैल ना जाये.








