
जमशेदपुर : बुधवार से चैत्र नवरात्र और हिंदु नववर्ष शुरू हो रहे हैं। इतिहास में संभवतः पहला ही मौका होगा जब देश में जम्मू के वैष्णोदेवी से मदुरै के मीनाक्षी मंदिर तक सारे माता मंदिर नवरात्र में भक्तों के लिए बंद रहेंगे। मंदिरों में नवरात्र की सारी विधियां और पूजन तो होंगे लेकिन उनका दर्शन करने वाले नहीं होंगे। कोरोना वायरस के चलते देश के सारे मंदिर इस समय आम लोगों के लिए बंद हैं, सिर्फ पंडे-पुजारियों को ही मंदिरों में प्रवेश मिल रहा है। ऐसे में चैत्र नवरात्र पर ना तो बाहरी लोग दर्शन कर सकेंगे, ना मंदिर के किसी आयोजन में हिस्सा ले सकेंगे। जमशेदपुर में भी इसका असर देखने को मिला. जमशेदपुर में एक भी मंदिर नहीं खुला. सारे मंदिरों में पूजा के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया. सिर्फ पूजा हुई और पंडित ने पूजा करने के बाद मंदिरों को बंद कर दिया. पूरे नवरात्री लोग घरों में ही अब पूजा अर्चना करेंगे. लोग खुद घरों में रहकर ही पूजा कर रहे है. ज्यादातर मंदिरों ने भक्तों के लिए यू-ट्यूब चैनल्स और मंदिर की वेबसाइट्स पर लाइव स्ट्रिमिंग की व्यवस्था की है।

भारत में नवरात्रि एक बड़ा उत्सव है। चैत्र नवरात्रि इसलिए भी खास है क्योंकि ये हिंदु नववर्ष का पहला दिन है। इस दिन ही विक्रम संवत के नए संवत्सर की शुरुआत होती है। 25 मार्च को हिंदु संवत्सर 2077 शुरू होगा। इसके साथ ही नवरात्रि के आखिरी दिन नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी को राम जन्म और पूर्णिमा पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। भारत में देवी के 51 शक्तिपीठों में से 38 भारत में है, 6 बांग्लादेश, 3 नेपाल, 2 पाकिस्तान, 1 तिब्बत और एक श्रीलंका में मौजूद है। इस बार पहली बार ऐसा हो रहा है, जब लगभग सभी 51 शक्तिपीठ वाले देश एक सी समस्या से ग्रसित हैं, और लगभग किसी भी मंदिर में भक्तों के लिए इस नवरात्रि में प्रवेश की अनुमति नहीं है। शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्री का शुरुआत आज हो चूका है. नव वर्ष की खुशियों के बीच अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना होगी। कोरोना वायरस फैलने के कारण इस बार मंदिर जाने के बजाय श्रद्धालु अपने-अपने घरों में ही मां दुर्गा की विधि-विधान पूर्वक पूजा करेंगे। ममतामयी मां से सुख-समृद्धि व आरोग्य प्रदान करने की प्रार्थना करेंगे। आपको बता दे कि इस बार नवरात्री में एक भी मंदिर खुला नही है क्यों कि हर तरफ कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है.हालाकी श्रद्धालु अपने घर में ही कलश स्थापन कर के पूजा पाठ कि शुरुआत कर दिए है. नवरात्र नौ दिनों का होता है।

25 मार्च को कलश स्थापना के बाद प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके बाद दो अप्रैल तक प्रति दिन शक्ति के अलग-अलग रूपों पूजा होगी। दो अप्रैल को महानवमी के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा के साथ श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं तीन अप्रैल को दशमी तिथि में विसर्जन के बाद पारण होगा. चैत्र नवरात्र मां दुर्गा की पूजा का पर्व है। इस साल नवरात्र में मां नाव पर सवार होकर आएंगी। ये एक शुभ संकेत है। वहीं नवरात्र में 2 बुधवार और 2 गुरुवार भी पड़ रहे हैं। जिसके प्रभाव से देश में खुशहाली बढ़ेगी। देश उन्नति करेगा हालांकि देश में बड़े राजनितिक और आर्थिक बदलाव होने के भी योग बन रहे हैं। चैत्र नवरात्र में पहले दिन यानी बुधवार, 25 मार्च को घट स्थापना के साथ इस दिन शैलपुत्री के रुप में मां दुर्गा की पूजा होगी। फिर बाकी दिनों में क्रम से अन्य 8 रुपों में देवी की पूजा की जाएगी।








