
रांची : झारखंड सरकार ने बड़े पैमाने पर ट्रांस्फर पोस्टिंग की है. इसके तहत कई एमवीआइ यानी मोटर यान निरीक्षक का तबादला कर दिया गया है जबकि कई उपश्रमायुक्त स्तर के अधिकारी का तबादला किया गया है.
जमशेदपुर के डीएलसी का तबादला
राज्य सरकार के श्रम विभाग के आठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है. सारे उपश्रमायुक्त स्तर के अधिकारी है. इसमें रांची मुख्यालय के संयुक्त श्रमायुक्त धनंजय कुमार सिंह को संयुक्त श्रमायुक्त 2 बनाया गया है. उनको दुमका का उपश्रमायुक्त बनाया गया है. उनको दुमका का उपश्रमायुक्त (डीएलसी) बनाया गया है. इसी तरह रांची मुख्यालय संयुक्त श्रमायुक्त दो अल्पना सिन्हा को संयुक्त श्रमायुक्त 1 बनाया गया है. उनको हजारीबाग का डीएलसी का भी प्रभार दिया गया है. जमशेदपुर के डीएलसी राजेश प्रसाद को निदेशक न्यूनतम मजदूरी बनाया गया है. उनको बोकारो का भी उपश्रमायुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसी तरह राकेश प्रसाद को निदेशक न्यूनतम मजदूरी के पद से हटाकर अपर निबंधक श्रमिक संघ बनाया गया है. उनको जमशेदपुर का डीएलसी का भी प्रभार दिया गया है. कैंटीन मैनेजर मुख्यालय दिप्ती लॉरी तिर्की को श्रम अधीक्षक कृषि श्रमिक गुमला बनाया गया है. वहीं, रांची के राज्य श्रम संस्थान के दिनेश भगत को अतिरिक्त प्रभार श्रम अधीक्षक लोहरदगा बनाया गया है. इसके अलावा उनको कैंटीन मैनेजर भी बनाया गया है. अविनाश कृष्ण को श्रम अधीक्षक कृषि श्रमिक के पद से हटाकर सहायक श्रमायुक्त बनाया गया है. इसी तरह एतवारी महतो को पलामू का श्रम अधीक्षक बनाया गया है. वे सहायक श्रमायुक्त पलामू का भी प्रभार लेकर काम करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर के एमवीआइ का भी तबादला
राज्य सरकार ने मोटरयान निरीक्षक (एमवीआइ) का भी तबादला किया है. बोकारो के एमवीआइ सूरज हेम्ब्रम को जमशेदपुर का एमवीआइ बनाया गया है. वहीं, गिरीडीह के एमवीआइ मुकेश कुमार को रांची, गोड्डा के एमवीआइ सुदीप कुजूर को पाकुड़, हजारीबाग के एमवीआइ विजय गौतम को साहेबगंज, जमशेदपुर के एमवीआइ विमल किशोर सिंह को बोकारो (रामगढ़ का अतिरिक्त प्रभार), रंजीत मरांडी को पलामू से हटाकर गिरीडीह, रांची के एमवीआइ अजय कुमार को हटाकर सिमडेगा और सिमडेगा के एमवीआइ को हटाकर गोपीनाथ डे को हजारीबाग भेजा गया है. देवघर के एमवीआइ कमल किशोर को गोड्डा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसके अलावा लाल बिहारी यादव को एमवीआइ गढ़वा के अलावा पलामू, संतोष सोरेन को चतरा एमवीआइ के पद पर रहते हुए कोडरमा का प्रभार भी दिया गया है.



