
रांची : झारखंड के विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी जमकर हंगामा हुआ. तीसरे दिन भी विधायकों ने सदन के बाहर फिर से प्रदर्शन किया और नमाज का स्थान विधानसभा में देने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान देवघर के विधायक नारायण दास बेलपत्र का माला पहनकर आये और हंगामा किया. सदन के बाहर मंगलवार को भाजपा के विधायकों ने हनुमान चालिसा का पाठ भी किया. इसके बाद सदन के अंदर जमीन पर भाजपा विधायक बैठकर हनुमान चालिसा का पाठ पढ़ने लगे. रिपोर्टिंग टेबुल पर विधायकों ने हनुमान चालिसा पढ़ा और जयश्री राम के नारे लगाये. इस दौरान सभी विधायक धोती कुर्ता पहनकर गये थे और भजन करने लगे. इस दौरान इरफान अंसारी और सत्ता पक्ष के विधायक भी विरोध करने लगे. दोनों ही पक्ष आमने सामने आ गये. हालात तो और खराब तब हो गयी जब भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने स्पीकर के मंच के सामने खड़े होकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया. इस पर स्पीकर गुस्से में आ गये और कहा कि हनुमान चालीसा पढ़ने का एक स्थान होता है, ऐसा मत कीजिये. इस दौरान स्पीकर काफी दुखी हो गये. मार्शन ने पूरे एरिया को घेर लिया था. इसके बाद सारे भाजपा विधायक वेल से सीट पर गये. वैसे सत्ता पक्ष यानी कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अपने साथ सदन के बाहर एक पंडित को लेकर आ गये थे. इस हो हंगामा के बीच सदन में अनुपूरिक बजट को पारित कर दिया गया. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

सदन में छाये रहे सीपी सिंह, कभी इरफान से टकराये तो कभी बन्ना गुप्ता से
सदन में रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह छाए रहे. सीपी सिंह ने सदन में मांग रख दी कि हिंदूओं के लिए मंगलवार को दोपहर 12.30 बजे के बाद हनुमान चालीसा का समय दिया जाये ताकि सारे हिंदू विधायक उस वक्त हनुमान चालीसा कर सके. इसका जवाब कांग्रेस के प्रदीप यादव ने दिया और कहा कि ये प्रस्ताव सीधे तौर पर ढोंग है. इस दौरान इरफान अंसारी ने जब विरोध किया तो सीपी सिंह ने कहा कि इरफान तालिबान के आदमी है. इस दौरान सीपी सिंह और मंत्री बन्ना गुप्ता के बीच विवाद गहरा गया. सीपी सिंह को जब मंत्री बन्ना गुप्ता ने सदन में रोकने की कोशिश की तो उनको सीपी सिंह ने कहा कि टेम्पो एजेंट क्या बात करेगा हमसे. इसके बाद खुद मंत्री बन्ना गुप्ता गुस्सा गये और हंगामा करने लगे. उनके साथ सीता सोरेन, इरफान अंसारी, अनूप सिंह भी सदन के वेल में पहुंच गये. काफी हंगामा होने लगा तो स्पीकर ने कहा कि यह टिप्पणी गलत है. इसके बाद सीपी सिंह ने अपनी बात वापस ली और उस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया. इस हंगामा के बाद सदन की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

सरयू के सवाल पर मुख्यमंत्री बोले-रघुवर कार्यकाल में हुए घोटाले की होगी जांच
हालांकि, इस बीच विधायक सरयू राय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में चॉकलेट और टोपी घोटाले की जांच की मांग उठायी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कराने की घोषणा सदन में की. सरयू राय ने अपने अल्पसूचित प्रश्न में कहा कि 2016 में राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में गायिका सुनिधि चौहान का कार्यक्रम आयोजित कर उस वक्त की रघुवर सरकार ने पैसों का दुरुपयोग किया था. 44 लाख 37 हजार 250 रुपये एक कार्यक्रम पर खर्च कर दिया था. विधायक सरयू राय ने कहा कि 2016 में झारखंड स्थापना दिवस समारोह में गायिका सुनिधि चौहान को बुलाने का निर्देश तत्कालीन सीएम रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था. इस कार्यक्रम को लेकर 44,37,250 रुपए का बजट बना. 6 नवंबर 2016 जमशेदपुर के सिदगोडा सूर्य मंदिर में भी सुनिधि चौहान का कार्यक्रम हुआ. इसके संरक्षण संरक्षक तत्कालीन सीएम रघुवर दास ही थे. सरयू राय ने कहा कि सुनिधि चौहान के कार्यक्रम का बजट 44 लाख 37250 रुपए था, जबकि खर्च 55,22,281 रुपए हुए यानी स्वीकृत राशि से 10,94,781 अधिक खर्च किए गए. सरकार इसकी जांच कराए. इस पर सीएम ने मामले की जांच कराने का सदन के अंदर आश्वासन दिया.





