रांची: झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को अबुआ आवास योजना की दूसरी किस्त में देरी का मुद्दा बाघमारा विधायक शत्रुध्न महतो ने जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में नए अबुआ आवास स्वीकृत नहीं हो रहे है और कई लाभुकों को दूसरी किस्त अब तक कुछ लोगों को नहीं मिली है. इस जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि अबुआ आवास योजना के सभी लाभुकों को प्रथम किस्त जारी कर दी है, जबकि दूसरी किस्त का भुगतान चरणबद्ध तरीके से चल रही है. ज्यादा से ज्यादातर लाभुक भुगतान प्रक्रिया में सम्मिलित किए जा चुके है. मंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में निर्माण कार्य तकनीकी और प्रक्रियागत देरी के कारण धीमा है,जिसकी समीक्षा की जा रही है ताकि लंबित मामलों का समाधान किया जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि अबुआ आवास के लिए 24 लाख लोगों ने आवेदन किया है. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा सदन में कहा कि वर्ष 2023-24-और 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना राज्य में बंद रही थी. झारखंड सरकार के प्रयासों के बाद चुनाव के बाद केंद्र ने इसे एक बार फिर से शुरू किया है. अधिकांश लोग पीएम आवास की जगह अबुआ आवास लेना चाहते है. क्योंकि राज्य सरकार प्रति यूनिट दो लाख रुपए दे रही है और इतनी ही राशि केंद्र से भी मांगी गयी है. बढ़ती महंगाई को देखते हुए 1.20 लाख में घर बनाना संभव नहीं है, और यह बात भाजपा शासित राज्यों ने भी स्वीकार की है. मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे आवास निर्माण पूरा हो रहा है, भुगतान की किस्तें लगातार जारी की जा रही हैं. नेता प्रतिपक्ष के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के सभी सुझावों पर विचार करेगी और उम्मीद है कि वे भी केंद्र से पीएम आवास की सहायता राशि 2 लाख करने में सहयोग करेंगे, ताकि पूरे देश को लाभान्वित किया जा सके.



