
रांची : आज झारखंड की महिलाएं आजादी के 76 वर्ष के बाद भी आजाद नहीं है. दिन प्रति दिन महिलाओं के प्रति हो रही अपराधों की संख्या के आंकड़े चौकाने वाले है. आज भी महिलाएं धार्मिक रीति-रिवाज, घरेलू हिंसा, गैंगरेप, मर्डर, दुष्कर्म, डायन-बिसाही जैसी समस्याओं से जूझ रही है. शीतकालीन सत्र के समय भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा पूछे गए सवाल पर सरकार ने काफी चौकाने आंकड़े सामने आयी है. गृह विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में पिछले 23 महीने में 3209 बलात्कार के केस दर्ज है. जिसमें 2946 के खिलाफ आरोप पत्र दिए गए है, जिसमें केवल 228 केस पर चार्जशीट फाइल कर अंतिम रूप दिया गया है. वहीं 753 केस के खिलाफ जांच बाकी है. वहीं डायन-बिसाही के कुल 58 केस दर्ज किये गये थे. जिसमें 40 केस में कुल 137 आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गयी है, जबकि 16 केस में कार्रवाई लंबित है. (नीचे भी पढ़ें)
भाजपा विधायक शाही ने साधा निशाना-
वहीं गृह विभाग द्वारा महिलाओं के प्रति अपराध के आंकड़ों को पेश करने के बाद भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने ट्वीट कर झारखंड की हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. ट्वीट में उन्होंने कहा है कि ये कैसी सरकार है ? जो दो साल में दो साल में 3209 बलात्कार ? झारखंड सरकार ने मेरे सवाल का खुद ही आंकड़ा बताया. जरा सोचे कि किस ओर जा रहा है हमारा झारखंड ? क्या, बिहार का जंगल राज पार्ट-2 बन रहा है झारखंड? (नीचे भी पढ़ें)
गृह विभाग ने कहा जल्द कार्रवाई हो-
गृह विभाग ने सभी जिला के पुलिस पदाधिकारियों से बात की और कहा कि हत्या-दुष्कर्म व डायन-बिसाही के खिलाफ जो अपराधिक घटनाएं है उसे गम्भीरता से लेते हुए जल्द जल्द कार्रवाई की जाए.






