
रांची: कई वर्षो से स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर आंदोलित राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों (शिक्षा मित्र) का मामला इस बार सुलझता दिख रहा है. गठबंधन सरकार के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जिस तरह इस मामले के प्रति सक्रियता दिखाई है, उससे पारा शिक्षकों में यह उम्मीद जगी है कि 29 दिसंबर को सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर उनके लिए कोई बड़ी घोषणा हो सकती है. झारखंड सरकार ने पारा शिक्षकों के साथ तैयार की गयी सेवा शर्त नियमावली पर एक दो दिनों में चर्चा कर इसा पारित कर लिया जाएगा. अब देखना होगा कि बिहार की तर्ज पर पारा शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा.(नीचे भी पढे)
साथ ही अन्य सुविधा भी बिहार की तर्ज पर मिलेगा. पिछले दिनों हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में बिहार की तर्ज पर तैयार की गई पारा शिक्षक सेवाशर्त नियमावली के ड्राफ्ट पर सहमति बन गई। नई नियमावली लागू होने के बाद पारा शिक्षक पंचायत सहायक अध्यापक और प्रखंड सहायक अध्यापक कहलाएंगे। नियमावली में पारा शिक्षकों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। स्नातक प्रशिक्षित व शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण पारा शिक्षक तथा स्नातक प्रशिक्षित व दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण पारा शिक्षक प्रखंड सहायक अध्यापक कहलाएंगे. (नीचे भी पढे)
जिसके बाद पारा शिक्षकों का वेतनमान दोगुनी हो जाएगी. पारा शिक्षकों के वेतन में 13,951 से 14,951 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी. पारा शिक्षकों को 26,635 से 29,267 तक की राशि मिलेगी. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके और दक्षता परीक्षा पास करने वाले पारा शिक्षकों को मिलने वाली राशि का प्रस्ताव तैयार कर लिया है.जिसके तहत पारा शिक्षकों को 5200-20,200 का वेतनमान, 2000, 2400 व 2800 का ग्रेड पे, 28 प्रतिशत डीए, 1000 मेडिकल भत्ता और 1950 रुपये ईपीएफ की राशि मिलेगी. वहीं, राज्य के 2058 अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को इसमें से किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलेगा. (नीचे भी पढे)
वेतनमान लागू होने के साथ टेट पास पहली से आठवीं के 14042 पारा शिक्षकों को बढ़ी हुई राशि मिल सकेगी. इनके मानदेय में फिलहाल सलाना 242 करोड़ खर्च होते हैं, लेकिन वेतनमान मिलने के बाद अतिरिक्त 236 करोड खर्च होंगे. वहीं सिर्फ प्रशिक्षित 46,776 पारा शिक्षकों को दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा. उसमें पास करने के बाद ही उन्हें वेतनमान का लाभ मिलेगा. वर्तमान में सालाना 689 करोड़ रुपए मानदेय में खर्च होते हैं, वेतनमान मिलने के बाद अतिरिक्त 819 करोड़ रुपए खर्च होंगे. (नीचे भी पढे)
राज्य के पारा शिक्षकों को फिलहाल 12000 से 15000 रुपये तक का मानदेय मिल रहा है. छठी से आठवीं के टेट पास पारा शिक्षकों को 15000 मानदेय की जगह 29,267 मिलेंगे. वहीं, पहली से पांचवीं तक के टेट पास पारा शिक्षकों को वेतनमान मिलने के बाद 14 हज़ार मानदेय की जगह 27,951 रुपए हर माह मिलेंगे. वहीं, दक्षता परीक्षा पास करने के बाद छठी से आठवीं के प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 13000 मानदेय की जगह 27,951 रुपए मिलेंगे.












